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अंतिम दौर में इजरायल और सऊदी अरब के बीच बातचीत, कई मुस्लिम देशों से मिल सकती है राजनयिक मान्यता!

Israel Saudi Arab Peace Deal: इजरायल के विदेश मंत्री ने कहा है कि इजरायल और सऊदी अरब के बीच बातचीत अब अंतिम दौर में है. मिडिल-ईस्ट में अमन चैन की बहाली के लिए दोनों देश दशकों के बाद बातचीत की टेबल पर आए हैं.

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Shubhank Agnihotri

Israel Saudi Arab Peace Deal: इजरायल के विदेश मंत्री एली कोहेन ने कहा है कि सऊदी अरब के साथ राजनयिक संबंधों की बहाली के बाद कम से कम 7 मुस्लिम देश इजरायल को राजनयिक मान्यता देंगे. उन्होंने कहा कि यह एक तरह की पीस डील होगी. रिपोर्ट के  मुताबिक, उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीत बातचीत अंतिम दौर में है, इससे ज्यादा अभी कुछ बताया नहीं जा सकता है.  


अगर सुधर गए सऊदी से रिश्ते…


इजरायल के विदेश मंत्री का बयान कई लिहाज से काफी अहमियत रखता है. पिछले हफ्ते क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी एक साक्षात्कार में माना था कि इजरायल के साथ सऊदी अरब की बातचीत अब अंतिम दौर में है. इजरायली फॉरेन मिनिस्टर के अनुसार, सऊदी अरब के साथ बातचीत का मतलब है पूरे मुस्लिम जगत के साथ अमन चैन के रिश्ते का कायम हो जाना. जानकारों के मुताबिक इन दोनों देशों के बीच अमल बहाली का समझौता पूरे मुस्लिम जगत के लिए हितकारी होगा. इसका फायदा पूरी दुनिया को होगा.


दशकों से रिश्तों में है कड़वाहट

कोहेन ने इस बीच कहा कि अमेरिका मध्य-पूर्व के हालातों को बदलने के लिए बड़ी तेजी से काम कर रहा है. अमेरिका में इस साल चुनाव भी होने हैं. आपको बता दें कि सऊदी अरब फिलिस्तीन को लेकर इजरायल का सबसे बड़ा विरोधी रहा है. फिलिस्तीन के मसले को लेकर सऊदी हमेशा से ही इजरायल का प्रतिरोध करता रहा है. ऐसे में इन दोनों देशों के बातचीत की टेबल पर आने से इनके बीच दशकों से खराब संबंध पटरी पर लौटते दिख रहे हैं जो समूचे वैश्विक परिदृश्य के लिए शांति और स्थिरता की उम्मीद जगाते हैं. यूएई, बहरीन, मोरक्को जैसे देश 3 साल पहले ही इजरायल को अब्राहम अकॉर्ड के तहत राजनयिक मान्यता दे चुके हैं. ये देश आपस में व्यापारिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने की दिशा में काम कर रहे हैं.

 

अमेरिका चाहता है क्षेत्र में स्थिरता

कुछ महीने पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा था कि अमेरिका इजरायल और सऊदी अरब के बीच सामान्य संबंधों की बहाली चाहता है. ब्लिंकन ने उस समय कहा था कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सऊदी और इजरायल के बीच नॉर्मल रिलेशनशिप स्थापित हो. इससे अमेरिकी हितों को खासा फायदा है. ब्लिंकन के इस बयान के उस समय कई मायने निकाले गए थे. हाल ही में इजरायली सरकार ने भी यह स्वीकार की थी सऊदी से बैक डोर से बातचीत जारी है. दोनों मुल्कों के बीच डिप्लोमैटिक रिलेशन की बहाली के लिए अमेरिका इस  मध्यस्थ का रोल निभा रहा है.

 

अब्राहम अकॉर्ड था बड़ी कामयाबी

अमेरिकी अमेरिकी विदेश मंत्री ब्लिंकेन ने भरोसा दिलाया था कि इजराइल और सऊदी के डिप्लोमैटिक रिलेशन शुरू कराने के प्रोसेस में फिलिस्तीन के मुद्दों और हितों को ध्यान में रखा जाएगा. इजरायल-सऊदी मामलों के जानकार बताते हैं कि सितंबर 2020 में अमेरिका ने अब्राहम अकॉर्ड कराया था. यह बहुत बड़ी सफलता थी. उस समय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. 

 

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