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'कमरों में कैद, 24 घंटे से हॉस्टल की लाइट बंद', किर्गिस्तान हिंसा में फंसे भारतीय छात्रों ने लगाई देश लौटने की गुहार

किर्गिस्तान में 17 मई की शाम से हिंसा जारी है. स्थानीय लोगों द्वारा विदेशी छात्रों के साथ मारपीट की जा रही है. किर्गिस्तान में लगभग 10,000 भारतीय छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं.

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Kyrgyzstan violence

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में चल रहे उपद्रव में बांग्लादेश, पाकिस्तान और भारत के कई छात्र बड़े पैमान पर फंसे हुए हैं. वहां के स्थानीय छात्र विदेशी छात्रों को निशाना बना रहे हैं. हॉस्टल में घुसकर उनसे मारपीट की जा रही है. किर्गिस्तान में फंसे ज्यादातर भारतीय छात्रा राजस्थान से हैं. छात्रों ने वीडियो जारी कर भारत सरकार से मदद मांगी है.

छात्रों ने खुद को कमरों में किया बंद

हिंसा की वजह से छात्रों ने खुद को कमरों में बंद कर लिया है. कमरों की बत्तियां बुझा दी हैं. संस्थानों ने परीक्षाएं रद्द कर दी हैं. कई छात्र अपने वतन वापस लौटने को बेताब हैं. भारत के लगभर 10,000 छात्र किर्गिस्तान में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं.

सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे डरावने वीडियो

महाराष्ट्र के बीड के रहने वाले एक MBBS द्वितीय वर्ष के छात्र ने बताया कि शुक्रवार की रात जिस हॉस्टल पर हमला किया गया वह उसकी जगह से महज ढाई किलोमीटर की दूरी पर था. उन्होंने कहा कि इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहे हैं जो काफी डरावने हैं.

24 घंटे से नहीं जलाई हॉस्टल की बत्ती

वहीं क्रिगिस्तान में ही MBBS तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे इंदौर के युवा छात्र ने बताया कि पिछले 24 घंटे से हमने अपने हॉस्टल की बत्ती नहीं जलाई है. हम में से कई लोग कैंटीन में खाना खाने भी नहीं गए हैं. कॉलेज का प्रशासन हॉस्टल में ही खाना भेज रहा है और हमें बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है. जो छात्र कमरा लेकर अकेले रह रहे हैं उनके लिए हालात बदतर हो गए हैं. 

हालात नहीं सुधरे तो भूखे मर जाएंगे

इंदौर के छात्र ने कहा कि अगर जल्द हालात नहीं सुधरे तो वे भूखे मर जाएंगे.  उन्होंने कहा कि एक टैक्सी ड्राइवर द्वारा एक छात्र पर हमला किए जाने के बाद से छात्र कॉलेज आने से भी डर रहे हैं. हम भारत आना चाहते हैं.

शनिवार को स्थानीय भीड़ द्वारा विदेशी छात्रों को निशाना बनाने के लिए कुछ मैसेज सर्कुलेट किए गए. झड़प कुछ स्थानीय और इजिप्टियन छात्रों के बीच शुरू हुई जिसका खामियाजा भारतीय और पाकिस्तानी छात्रों को भुगतना पड़ रहा है. 

ओश में एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा और दिल्ली निवासी छात्रा इंसिया हुसैन ने बताया कि हमलावर शरीर के रंग के आधार पर हमला कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस हिंसा की वजह से शनिवार को हमारी परीक्षा भी रद्द हो  गई.

क्रिग्रिस्तान में विदेशी छात्रों को क्यों बनाया जा रहा निशाना
दरअसल, इस घटना का संबंध 13 मई की एक घटना से है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 13 मई को बिश्केक के मुस्तफा कैफे के पास हॉस्टलों में से एक में विदेशी छात्रों की ओर से कई स्थानीय लोगों के साथ मारपीट का दावा किया गया था. पुलिस को बताया गया कि हॉस्टल में रहने वालों और मेहमानों के बीच लड़ाई हुई है. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में विदेशियों के प्रति गुस्सा फैल गया. इसके बाद 17 मई की शाम को सैकड़ों लोग छात्रों के हॉस्टल के पास जमा हुए और प्रदर्शन करने लगे और बाद में यह प्रदर्शन उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी हॉस्टलों में घुस गए और भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश समेत विदेशी छात्रों के साथ मारपीट की जो अभी तक जारी है. किर्गिस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने अपने छात्रों को अंदर रहने की हिदायत दी है और उनके लिए हेल्पलाइन नंबर 0555710041 जारी किया है.