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पाकिस्तान नहीं जाएगा रावी नदी का पानी, भारत के प्लान से सकते में 'पड़ोसी'

Pakistan News: दशकों से बाधित शाहपुर कंडी बांध का काम पूरा हो गया है. बांध के पूरा होने के बाद रावी नदी का प्रवाह अब पाकिस्तान की ओर नहीं होगा जिसका फायदा भारतीय किसानों को प्राप्त होगा.

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India Daily Live

Pakistan News: आतंकी गतिविधियों और आर्थिक मोर्चे पर परेशान पाकिस्तान की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रहीं. तमाम चुनौतियों से जूझ रहा पाकिस्तान अब पानी को भी तरसेगा. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शाहपुर कंडी बांध बनकर तैयार होने के बाद पाक जाने वाला रावी नदी के प्रवाह को पूरी तरह से रोक दिया गया है. 

रिपोर्ट के अनुसार, शाहपुर कंडी बांध बाद जम्मू-कश्मीर और पंजाब प्रांत की सीमा पर स्थित है. इस बांध के बनने के बाद कश्मीर के लोगों को 1150 क्यूसेक पानी का फायदा मिलेगा जो पाकिस्तान चला जाता था. सांबा और कठुआ जिले की 32 हजार हेक्टेयर जमीन की सिंचाई में इस पानी का इस्तेमाल हो सकेगा. 

तीन दशक पुराना प्रोजेक्ट 

सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन के लिए जरूरी शाहपुर कंडी बैराज योजना को पिछले तीन दशकों  में तमाम तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. हालांकि अब इस परियोजना का काम पूरा हो गया है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल समझौता हुआ था.  इस समझौते के तहत भारत का रावी, सतलज, ब्यास नदियों का अधिकार है. वहीं, सिंधु, झेलम, और चेनाब नदी पर पाकिस्तान का. 

रिपोर्ट के अनुसार, इस बांध के पूरा हो जाने से भारत के पास रावी नदी का पानी अपने पास रखने का अधिकार हो गया है. रावी नदी का पहले पानी लखनपुर बांध होते हुए पाक की ओर जाता था. अब इस पानी का फायदा पंजाब और जम्मू-कश्मीर को प्राप्त होगा. 

तत्कालीन पीएम राव ने रखी थी नींव

इस प्रोजेक्ट की नींव साल 1995 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने रखी थी. इसके बाद पंजाब और जम्मू कश्मीर सरकार के बीच विवाद के कारण यह प्रोजेक्ट रुक गया था. 2014 में इस विवाद को पीएम मोदी के सामने रखा गया और केंद्र के हस्तक्षेप के बाद दोनों राज्यों के मध्य विवादों का निपटारा कराया गया और साल 2018 में इस प्रोजेक्ट पर फिर से काम शुरू हुआ. 

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First Published : 25 February 2024, 08:09 PM IST