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धीमी पड़ रही है धरती की अंदरूनी 'मशीनरी', समझ लीजिए क्या-क्या बदल जाएगा

अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पृथ्वी विज्ञान के प्रोफेसर जॉन विडेल ने पृथ्वी की इनर कोर को लेकर जो स्टडी की है वह हैरान कर देने वाली है क्योंकि कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि इनर कोर पृथ्वी की सतह से भी अधिक तेजी से घूमती है. आइए जानते हैं इससे आपके जीवन पर क्या बदलाव होगा?

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earth's inner core
Courtesy: social media

जर्नल नेचर में प्रकाशित एक हालिया अध्ययन से पता चला है कि एक दिन की लंबाई कुछ सेकेंड बदल सकती है. स्टडी के मुताबिक, कुछ स्पष्ट साक्ष्यों ने इस बात की पुष्टि की है कि पृथ्वी की आंतरिक कोर जो लोहे और निकल का बना एक ठोस गला है, उसने पृथ्वी की सतह के सापेक्ष 2010 से ही अपने घूर्णन को धीमा करना शुरू कर दिया है.

पिघली हुई धातुओं से बनी हुई है पृथ्वी की इनर कोर
आंतरिक कोर तरल बाहरी कोर के भीतर लटका हुआ है और पिघली हुई धातुओं का बना हुआ है और गुरुत्वाकर्षण के कारण अपनी जगह पर कायम है. ये दो परतें मेंटल और क्रस्ट के साथ पृथ्वी की तीन सतहों का निर्माण करती हैं.

'मैं यह देखकर हैरान रह गया'

अमेरिका के दक्षिणी कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में पृथ्वी विज्ञान के प्रोफेसर जॉन विडेल ने कहा, 'जब मैंने पहली बार इस बदलाव का संकेत देने वाले भूकंप देखे तो मैं हैरान रह गया लेकिन जब हमने दो दर्जन से अधिक अवलोकनों को इसी तरह का संकेत देते हुए पाया तब हमने मान लिया कि यह सच है.

भूकंपों से किया जाता है इनर कोर का अध्ययन

रिसर्चर आम तौर पर भूकंपों का आकलन कर कोर का अध्ययन करते हैं, वे भूकंप द्वारा निकलने वाली तरंगों को रिकॉर्ड करते हैं, क्योंकि इसको भौतिक तौर पर एक्सेस नहीं किया जा सकता है.

शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन के लिए दक्षिण अटलांटिक महासागर में एक सुदूर द्वीपसमूह साउथ (सैंडविच द्वीप समूह) में 1991 से 2023 के बीच एक ही स्थान पर आए 121 भूकंपों का अध्ययन किया. दक्षिण अटलांटिक महासागर में आए दिन भयानक तूफान आते रहते हैं

विश्लेषण में 1971 से 1974 के बीच हुए जुड़वां सोवियत परमाणु परीक्षणों के साथ-साथ आंतरिक कोर के अन्य अध्ययनों से प्राप्त कई फ्रांसीसी और अमेरिकी परमाणु परीक्षणों के डेटा को शामिल किया.

आंतरिक कोर का धीमा होना बहस का विषय

आंतरिक कोर की गति धीमी होना वैज्ञानिकों के बीच बहस का विषय है क्योंकि कुछ अध्ययनों में कहा गया है कि यह पृथ्वी की सतह से भी अधिक तेजी से घूमती है. माना जाता है कि आंतरिक कोर बाहरी कोर से उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र और पृथ्वी के मेंटल के भीतर गुरुत्वाकर्षण से प्रभावित होगर घूम रही है. इसके अतिरिक्त यह भी माना जाता है कि आंतरिक कोर सतह के सापेक्ष उलट और पीछे जा रहा है ऐसा इसलिए क्योंकि यह लगभग 40 सालों में पहली बार मेंटल की तुलना में धीमी गति से घूम रहा है.