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India Daily
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लाल सागर में भारतीय नौसेना के एक्शन से घबराया चीन, उठाया यह बड़ा कदम

Red Sea Conflict: हिंद और अरब सागर में मालवाहक जहाजों और उनकी सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना ने अपने जंगी जहाजों को पहले से ही तैनात कर रखा था. अब इसमें चीन भी शामिल हो गया है. चीनी नौसेना ने भी हूतियों के गढ़ से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने का जिम्मा लिया है.

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Shubhank Agnihotri
Chinese Navy

Red Sea Conflict: लाल सागर में हूतियों के आतंक और अरब सागर में सोमालियाई लुटेरों के खिलाफ चलाए गए भारतीय नौसेना ने अपना अभियान छेड़ रखा है. भारत ने हमलों के शिकार व्यापारिक जहाजों को न लुटेरों से छुड़ाया है बल्कि पाक और ईरान के समुद्री मछुआरों को भी सोमालियाई लुटेरों के चंगुल से आजाद कराया है. भारत के इस कदम की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है. चीन इस प्रशंसा से खासा खिसिआया और घबराया हुआ है. सागर में हो रहे जहाजों पर हमलों के दौरान चीन ने चुप्पी साध रखी थी. जिससे उसके किरदार को खासा नुकसान पहुंच रहा था. चीनी नौसेना ने भी अब उन जहाजों को सुरक्षा देना शुरू कर दी है जो हूतियों के गढ़ यानी लाल सागर से गुजर रहे हैं. 

हूती विद्रोहियों का नहीं थम रहा आतंक 

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह सारा घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब कई शिपिंग और कार्गो कंपनियों ने हूती विद्रोहियों के हमलों की वजह से लाल सागर के रास्ते को इस्तेमाल करना ही बंद कर दिया था. पिछले साल नवंबर से ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने कई व्यापारिक जहाजों और जंगी जहाजों पर हमला किया. हूती विद्रोहियों ने हमले का कारण इजरायल और हमास के बीच युद्ध को बताया. हूतियों ने बयान जारी कर कहा कि वे तब तक इजरायली स्वामित्व वाले जहाजों पर हमला नहीं रोकेंगे जब तक फिलिस्तीन में जंग नहीं रुक जाती. हूतियों द्वारा जहाजों को निशाना बनाने के बाद अमेरिका, ब्रिटेन सहित कई देशों ने यमन पर भीषण हमले किए हैं. 

भारत से सीख ले चीनी नौसेना 

इस दौरान भारतीय नेवी ने हिंद महासागर से लेकर अरब सागर और लाल सागर तक अपने जंगी जहाजों की तैनाती अप्रत्याशित रूप से बढ़ाई है. इसकी तारीफ ने दुनियाभर में कमाई. जानकारों ने भारत के इस कदम से चीन को सीख लेने के लिए भी कहा था. बीते दिनों अदन की खाड़ी में मालवाहक जहाज मारलिन लुंडा पर हमला हुआ. संकट के समय उसने मदद की गुहार लगाई. यह तब हुआ जब जिबूती में अमेरिका और चीन दोनों के नौसैनिक अड्डे हैं. इसके बाद भारतीय नेवी मदद के लिए पहुंची थी.