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पिछले 20 सालों में जी 20 सम्मेलनों का क्या है हासिल, जानिए

साल 1999 से जी 20 की बैठकों का लगातार आयोजन होता रहा है. इसमें सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंको के गवर्नर हिस्सा लेते थे लेकिन साल 2007-08 की वैश्विक मंदी के बाद इस समूह की तस्वीर बदल गई.

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Shubhank Agnihotri


नई दिल्लीः भारत 18वें जी 20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है. मेहमानों का दिल्ली पहुंचने का सिलसिला शुरु हो गया है. 20 देशों के इस समूह में बारी -बारी से रोटेशन सिस्टम के तहत सम्मेलन की मेजबानी सदस्य देशों को मिलती है.वैसे तो साल 1999 से जी 20 की बैठकों का लगातार आयोजन होता रहा है. इसमें सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंको के गवर्नर हिस्सा लेते थे लेकिन साल 2007-08 की वैश्विक मंदी के बाद इस समूह की तस्वीर बदल गई. आइए जानते हैं 2008 से लेकर साल 2022 तक की जी-20 बैठकों का क्या हासिल रहा.


- 2008,अमेरिकाः पहली बार इस सम्मेलन में तय किया गया कि जी 20 की बैठकों में वित्त मंत्रियों के स्थान पर सदस्य देशों के प्रमुख इसमें हिस्सा लेंगे. इस समिट में इस बात पर खासा जोर दिया गया कि वैश्विक बाजारों में सुधार के लिए समान सिद्धांत होने चाहिए. इसके सदस्य देशों ने व्यापार और निवेश पर 12 माह के लिए नई बंदिशें लगाने से परहेज करने पर सहमति जताई.


- 2009, ब्रिटेनः इस समिट का एजेंडा वैश्विक आर्थिक संकट था. इस बैठक में सदस्य देशों की ओर से विकासशील देशों को विकास करने के लिए IMF से ऋण संसाधनों को बढ़ाकर 750 अरब डॉलर करने का वादा किया.


- 2009, अमेरिकाः इस समिट में जी 20 को आधिकारिक तौर पर अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक सहयोग  के लिए मुख्य मंच के तौर पर परिभाषित किया गया.


- 2010, कनाडाः टोरंटो में हुई इस बैठक में जी 20 देशों ने इस बात को माना कि 2008 की वैश्विक मंदी के बाद पूरी दुनिया की हालत नाजुक हो गई है.  इस समिट में मजबूत अर्थव्यवस्था वाले देशों ने अपने बजट घाटे में कमी लाने और उधार कम करने का वादा किया. इसमें पहली बार विकास नीति का मुद्दा शिखर सम्मेलन के एजेंडे में शामिल हो गया.


- 2011, फ्रांसः यह बैठक कान्स में तीन और चार नवंबर को हुई. इस समिट में IMF में सुधार प्रमुख मुद्दा रहा. इस समिट में कृषि बाजार सूचना प्रणाली सम्मेलन के प्रमुख परिणामों में से एक थी.


- 2012, मेक्सिकोः यह समिट लोस काबोस में आयोजित किया गया. इस समिट का प्रमुख विषय बेरोजगारी, सामाजिक सुरक्षा, विकास , हरित विकास और कृषि सुधार प्रमुख मुद्दा था.


- 2013, रूसः सेंट पीटर्सबर्ग में टैक्स चोरी से निपटने के मामलों में बड़ी प्रगति हुई. जी20 इस पर सहमत हुआ कि टैक्स से जुड़ी सूचना का स्वचालित आदान-प्रदान और बेस इरोसन और प्रॉफिट शिफ्टिंग पर कार्य योजना बनाई जाएगी.

- 2014, ऑस्ट्रेलियाः ब्रिसबेन में तय किया गया कि जी 20 देशों की सामूहिक जीडीपी को 2 फीसदी बढ़ाया जाएगा.

- 2015, तुर्कियेः इस बैठक में पहली बार जी 20 देशों ने प्रवासन और शरणीर्थी संकट पर ध्यान केंद्रित किया.आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई को लेकर बयान जारी किया गया.


- 2016, चीनः इस समिट में पहली बार डिजिटल इकॉनमी पर जोर दिया गया. दूसरा सतत विकास लक्ष्यों के लिए 2030 एजेंडा पर जी 20 देशों की कार्ययोजना को भी अपनाया गया.

- 2017, जर्मनीः इस समिट में आतंकवाद के विरोध पर खासा जोर दिया गया. शिखर सम्मेलन के अंत में पेरिस घोषणा पत्र को फिर से दोहराया गया.


- 2018, अर्जेंटीनाः जी20 नेताओं ने व्यापार के लिए बहुपक्षीय दृष्टिकोण और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के सुधार के महत्व को पहचाना और नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दृढ किया.


- 2019, जापानः ओसाका में नेताओं ने आतंकवाद को लेकर इंटरनेट के इस्तेमाल पर ध्यान केंद्रित किया.


- 2020, सऊदी अरबः यह पहला वर्चुअल समिट था. कोविड के कारण इसे ऑनलाइन माध्यम से आयोजित किया गया. नेताओं ने महामारी पर काबू पाने, विकास को पटरी पर लाने का संकल्प लिया.

- 2021, इटलीः रोम में सदस्य देशों ने जलवायु परिवर्तन के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखने को लेकर प्रतिबद्धता व्यक्त की.


- 2022, इंडोनेशियाः ये कोविड महामारी और रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पहला जी-20 सम्मेलन था.देश की राजधानी बाली में हुए सम्मेलन में महामारी के बाद स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक समाधानों और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने को लेकर चर्चा हुई.

 

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