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Mumbai Water Supply: मुंबई में आज पानी की सप्लाई में 15 प्रतिशत की कटौती, जानें क्या है वजह

पिछले हफ्ते बीएमसी ने भांडुप के जल शोधन संयत्र  की सफाई के मद्देनजर 15 मार्च से 24 अप्रैल तक मुंबई में पानी की सप्लाई में 5 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया था. भांडुप एशिया के सबसे बड़े जल शोधन सयंत्रों में से एक है.

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Mumbai Water Supply: मुंबई में आज पानी की सप्लाई में 15 प्रतिशत की कटौती, जानें क्या है वजह

Water Supply Disrupted In Mumbai: बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने सोमवार को प्री-मानसून रखरखाव कार्य के कारण मौजूदा 5 प्रतिशत पानी की कटौती के अलावा मंगलवार को मुंबई में 24 घंटे 15 प्रतिशत पानी की कटौती की घोषणा की.  BMC के अनुसार, पूरे शहर में पानी की अतिरिक्त कटौती ठाणे जिले के पाइस बांध में पानी की कमी के कारण की गई है.

सोमवार शाम को बीएमसी ने बयान जारी कर कहा कि बांध को भास्ता जलाशय से पानी मिलने के बाद मुंबई में पानी की फिर से बहाली कर दी जाएगी. पाइस बांध मुंबई से 60 किलोमीटर दूर है.

आखिर क्यों बाधित हुई पानी की सप्लाई

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने बीएमसी द्वारा जारी की गई प्रेस रिलीज के हवाले से लिखा, 'पाइस डैम के 32 गेटों में से एक का रबर ब्लैडर खराब हो गया जिसके चलते 16 दिसंबर को इससे पानी का रिसाव हुआ. ब्लैडर की मरम्मत के लिए बांध के जल स्तर को 31 मीटर तक कम करना पड़ा, पानी को कम करने के लिए भास्ता जलाशय के पानी को रोका गया.'

बीएमसी ने आगे कहा, 'रबर ब्लैडर को ठीक कर दिया गया है लेकिन अभी बांध में पानी उतना नहीं है कि उसे पंजरपोल वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होते हुए मुंबई को भेजा जा सके. भास्ता जलाशय से पानी छोड़ा जा चुका है लेकिन यह अभी पाइस बांद से 48 किलोमीटर दूर है. पानी को बांध तक पहुंचने और पानी के एक सामान्य लेवल पर आने में समय लगेगा.'

15 मार्च से 24 अप्रैल तक पानी की सप्लाई में 5 प्रतिशत कटौती

बता दें कि पिछले हफ्ते बीएमसी ने भांडुप के जल शोधन संयत्र  की सफाई के मद्देनजर 15 मार्च से 24 अप्रैल तक मुंबई में पानी की सप्लाई में 5 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया था. भांडुप एशिया के सबसे बड़े जल शोधन सयंत्रों में से एक है.

झील के पानी का स्तर कम होने के कारण पहले बीएमसी ने 10 प्रतिशत पानी की कटौती का प्रस्ताव दिया था लेकिन सरकार सरकार द्वारा अपने आरक्षित भंडार में से पानी की सप्लाई का भरोसा देने के बाद इस प्रस्ताव को अमल में नहीं लाया गया.