Vijay Diwas 16 december: 16 दिसंबर के दिन भारत में विजय दिवस मनाया जाता है. 1971 में हुए युद्ध में आज ही के दिन पाकिस्तान ने भारतीय सेना के सामने घुटने टेके थे और उस दौरान बांग्लादेस का निर्माण हुआ था. 16 दिसंबर 1971 के दिन पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल नियाजी ने अपने 93,000 सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण किया था. इसके बाद ही देशों के बीच युद्ध की समाप्ति आधिकारिक तौर पर हुई थी. अगर इतिहास पर नजर डालें तो आजादी से आजतक भारत ने सीधे तौर पर पांच बार युद्ध का सामना किया है. इनमें चार बार पाकिस्तान और एक बार चीन से मुकाबला हुआ है.
1. 1947-48 का युद्ध
इस युद्ध में जम्मू कश्मीर पर कब्जा करने के लिए पाकिस्तानी फौज ने हमला किया था. भारत और पाकिस्तान के बीच यह युद्ध 441 दिनों तक चला, जिसमें भारत ने पाक को धूल चटाई थी. पाकिस्तान की तरफ से 6 हजार मौते हुईं, जबकि 14 हजार घायल हुए. भारत की तरफ से इस युद्ध में 1104 जान गई थीं और 3154 लोग घायल हुए थे.
भारत-चीन सीमा को लेकर हुए इस युद्ध में भारत ने चीन को कड़ी टक्कर दी थी. दोनों देशों की सेनाओं को भारी जान-माल का नुकसान हुआ था. ये युद्ध 32 दिनों तक चला था, जिसमें भारत की तरफ से करीब 1383 शहीद और करीब 1 हजार सैनिक घायल हुए थे. वहीं चीन की तरफ से 722 सैनिक मारे गए थे, जबकि 1697 घायल थे.
पाकिस्तान ने अपने सैनिको को घुसपैठियो के रूप मे कश्मीर भेजा था, ताकि कश्मीर की जनता भारत के खिलाफ विद्रोह कर दे, लेकिन ऐसा हो नहीं पाया. भारतीय सेना दुश्मनों पर कहर बनकर टूटी और अपने पराक्रम की बदौलत भारतीय सैनिकों ने पाक के टैंकों के परखच्चे उड़ा दिए थे, ये युद्ध 50 दिनों तक चला था, जिसमें भारत की तरफ से 3 हजार सैनिक शहीद हुए थे. वहीं पाकिस्तान की तरफ से करीब 3800 सैनिक मारे गए थे.
इंदिरा गांधी के नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को दो भागों में विभाजित किया था, जिससे बांग्लादेश अस्तित्व में आया. भारत और पाकिस्तान के बीच चला ये युद्ध महज 13 दिनों में खत्म हो गया. जिसमें पाकिस्तान की सेना के 93000 सैनिकों को सरेंडर करना पड़ा था. इस युद्ध में भारत की तरफ से करीब 3 हजार सैनिक शहीद हुए तो वहीं पाकिस्तान की ततरफ से 9 हजार सैनिक मारे गए.
कारगिल में पाकिस्तानी सैनिकों ने भारत में घुसपैठ की और कब्जा जमाया, जिसके जबाव में भारतीय सेना और एयरफोर्स ने पाकिस्तान को घुठने पर लाने के लिए मजबूर कर दिया. यह ये युद्ध 85 दिनों तक चला और पाकिस्तान को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी. इस युद्ध में भारत के 547 सैनिक शहीद हुए थे, जबकि पाकिस्तान के करीब 12 सौ सैनिक मारे गए थे.