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NEET में पेपर लीक के पीछे तेजस्वी यादव का हाथ! कैसे बिहार के डिप्टी सीएम ने जोड़ दिए आरोपों के तार

NEET Paper Leak Tejaswi Yadav Connection: बिहार में NEET-2024 के पेपर्स के कथित लीक होने की बात सामने आने के बाद डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने पूरे मामले को आरजेडी नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से इसके तार जोड़ने की कोशिश की है. वहीं पर आरजेडी ने भी अपने नेता के खिलाफ दिए गए बड़े बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

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Courtesy: The India Daily Live

NEET Paper Leak Tejaswi Yadav Connection: मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन के लिए हर साल नेशनल टेस्ट एसोसिएशन (एनटीए) की ओर से आयोजित कराई जाने वाली NEET की परीक्षा को लेकर इस समय देश भर में विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. जहां एक ओर स्टूडेंट्स पेपर लीक होने का आरोप लगा रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ एनटीए ऐसा कुछ भी नहीं होने का दावा कर रही है.

इस बीच कुछ ऐसी रिपोर्ट भी सामने आई जिसमें पेपर के आयोजन की तरीख से पहले ही बिहार में उसके लीक होने का दावा किया जा रहा है. इस बीच बीच बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने पेपर लीक को लेकर ऐसा दावा किया है जिसने सियासी गलियारों में भूचाल ला खड़ा किया है.

पेपरलीक कराने में तेजस्वी यादव का हाथ?

विजय कुमार सिन्हा कथित पेपर लीक गिरोह के सदस्यों के सरकारी गेस्ट हाउस में रहने की खबरों पर प्रतिक्रिया दे रहे थे. इस दौरान बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस एग्जाम (NEET-2024) में पेपर लीक के आरोपों को प्रदेश के पिछले डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से जोड़ने की कोशिश की है. 5 मई को, बिहार में आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू), जो पेपर लीक के आरोपों की जांच कर रही है, ने कहा है कि उसकी जांच "पेपर लीक होने का संकेत देती है". 

कथित लीक में शामिल एक गिरोह के सदस्यों के पटना के एक सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरने की खबरों के बीच, सिन्हा ने कहा, 'मैं जानकारी जुटा रहा हूं. एनएचएआई गेस्ट हाउस में जो लोग पकड़े गए हैं, वे प्रीतम नामक व्यक्ति से जुड़े हैं. लोगों का कहना है कि वह पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से जुड़ा है. हम पूरे मामले की जानकारी जुटा रहे हैं. चुनाव के कारण हम अभी तक पूरी जानकारी नहीं जुटा पाए हैं. हम इसकी समीक्षा करेंगे और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी... उन्हें यह साफ करना होगा कि कौन सा मंत्री और कौन लोग इसका (गेस्ट हाउस) इस्तेमाल कर रहे थे. मैंने अपने विभाग में चेतावनी जारी कर दी है, और मैं कार्रवाई भी करूंगा और पता लगाऊंगा कि किसके कहने पर बुकिंग हुई... कार्रवाई की जाएगी. यह एक बड़ा मामला है. हमने पहले भी कहा है कि आरजेडी की मानसिकता अपराधियों को प्रशिक्षित करने, पालने-पोसने और प्रोत्साहित करने की है... यह हाई लेवल जांच में साफ हो जाएगा.'

RJD ने विजय कुमार सिन्हा के बयान पर दिया तीखा जवाब

इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध कुमार मेहता ने इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कहा, 'सबसे पहले, बिहार के डिप्टी सीएम सिन्हा को मीडिया की छिटपुट खबरों के आधार पर कोई गैर-जिम्मेदाराना बयान नहीं देना चाहिए. आर्थिक अपराध इकाई को अपनी जांच में जो कुछ भी मिला है, उसे देखना चाहिए. जहां तक ​​नीट मामले के मुख्य आरोपी सिकंदर यदुवंशी के विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव के कर्मचारी से कथित संबंध का सवाल है, तो एनडीए को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यदुवंशी को 2012 में जूनियर इंजीनियर की नौकरी कैसे मिली और 2021 में उसे दानापुर में पोस्टिंग के साथ टाउन प्लानिंग विभाग में कैसे ट्रांसफर कर दिया गया. डिप्टी सीएम सिन्हा हमारे नेता पर आरोप लगा रहे हैं.'

जानें क्या कहती है बिहार ईओयू की जांच

गौरतलब है कि बिहार ईओयू की एक विशेष जांच टीम (एसआईटी), जिसने पिछले महीने पटना पुलिस से जांच अपने हाथ में ली थी, ने कहा है कि एक 'संगठित इंटर-स्टेट गिरोह' के सदस्यों से कई उम्मीदवारों के एडमिट कार्ड, पोस्ट-डेटेड चेक और प्रमाण पत्र जब्त किए गए हैं.

ईओयू के एक अधिकारी ने बताया, 'इस मामले में अब तक गिरफ्तार किए गए 13 लोगों में से चार ऐसे उम्मीदवार हैं जिन्होंने NEET की परीक्षा दी थी. बाकी लोग उनके माता-पिता और संगठित गिरोह के सदस्य हैं, जिन्होंने कथित तौर पर रामकृष्ण नगर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में एक स्कूल में परीक्षा से पहले 35 उम्मीदवारों को इकट्ठा किया और एक नकली परीक्षा आयोजित की. कथित तौर पर उन्हें वहां उत्तरों के साथ NEET का प्रश्नपत्र मिला था.'