Surat News: सूरत के पॉश अलथान इलाके में एक प्राइवेट स्कूल के 50 छात्र उस समय बाल-बाल बच गए, जब उन्होंने नशे में बस चला रहे ड्राइवर को रोक दिया. छात्रों का दावा है कि बस ड्राइवर नशे में होने के कारण लापरवाही से ड्राइव कर रहा था. छात्रों के बार-बार शोर मचाने के बाद भी जब ड्राइवर नहीं माना, तो बस में सवार कुछ छात्रों ने उसे जबरन ड्राइव करने से रोक दिया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बस में क्लास 1 से लेकर 12वीं तक के छात्र सवार थे. ड्राइवर सुरेश सिंह राजपूत (56) के लापरवाही को देख बस में सवार 10वीं के एक छात्र ने ड्राइवर को गाड़ी रोकने को मजबूर किया औऱ चाबी निकाल ली.
ड्राइवर सुरेश सिंह राजपूत सुबह 11 बजे माहेश्वरी विद्यापीठ से छात्रों को घर छोड़ने के लिए निकला था. बस को अलथान से मगदल्ला के बीच 7 किलोमीटर की दूरी तय करनी थी. छात्रों का दावा है कि इस दौरान चार मौके ऐसे आए, जब लगा कि बस हादसे की शिकार हो जाएगी. छात्रों ने बताया कि लापरवाही से बस चलाने के कारण दो छात्र घायल हो गए, जबकि अन्य छात्र सदमे में आ गए और बस को रोकने के लिए शोर मचाने लगे.
स्कूल मैनेजमेंट और बसों का ठेका देखने वालों का दावा है कि वे ये सुनिश्चित करते हैं कि लापरवाह ड्राइवरों को बसें नहीं दी जाएंगी. फिलहाल, मामले की जानकारी के बाद पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है. साथ ही स्कूल बस जब्त कर ली है. उधर, स्कूल मैनेजमेंट ने आरोपी बस ड्राइवर को नौकरी से बाहर कर दिया है.
अलथान के पुलिस इंस्पेक्टर एनके डामोर ने कहा कि ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और बस को जब्त कर लिया है और उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.
माहेश्वरी विद्यापीठ मैनेजमेंट की ओर से बताया गया कि स्कूल के लिए बसें चलवाने वाले ठेकेदार को नोटिस दिया गया है. हमने मंगलवार को छात्रों और अभिभावकों की बैठक बुलाई है. हम माता-पिता को आश्वस्त करते हैं कि ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होंगी. हम स्थिति से सख्ती से निपट रहे हैं.
माहेश्वरी विद्यापीठ में 2,000 छात्र हैं जिनमें से कम से कम 1,300 छात्र स्कूल बस या फिर वैन का यूज करते हैं. बस ठेकेदार विक्रम ओसवाल ने दावा किया कि हम बस में चढ़ने से पहले ड्राइवरों का नियमित ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट करते हैं. हालांकि, सोमवार को गर्मी के कारण स्कूल का समय बदलकर सुबह 11 बजे कर दिया गया, हमें जल्दी बसें भेजनी पड़ी, जिससे ड्राइवर का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट नहीं हो पाया. ओसवाल ने कहा कि अब हम ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बसों के अंदर कैमरे लगाएंगे.