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'एक हफ्ते के भीतर...', जानें क्यों सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के स्पीकर को लताड़ा

SC Slams Maharashtra Speaker: सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र स्पीकर राहुल नार्वेकर को एक सप्ताह के भीतर मामले को उनके समक्ष सूचिबद्ध करने और अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने के लिए समयसीमा निर्धारित करने का निर्देश दिया.

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Sagar Bhardwaj
Last Updated : 18 September 2023, 06:06 PM IST
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SC Slams Maharashtra Speaker: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को महाराष्ट्र सीएम एकनाथ शिंदे और उनके विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई तेज कर दी. कोर्ट ने महाराष्ट्र स्पीकर राहुल नार्वेकर को एक सप्ताह के भीतर मामले को उनके समक्ष सूचिबद्ध करने और अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने के लिए समयसीमा निर्धारित करने का निर्देश दिया.

'कोर्ट के आदेश के प्रति सम्मान दिखाएं स्पीकर'

सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र स्पीकर से कहा कि वह 11 मई को पास किए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के प्रति सम्मान दिखाएं  जिसमें उनसे शिवसेना के बागी विधायकों की अयोग्यता पर एक तय समय में फैसला लेने को कहा गया है.

कोर्ट ने कहा कि विधायकों को नोटिस जारी होने के अलावा अभी तक इस मामले में कुछ नहीं हुआ और कहा कि प्रक्रियात्मक निर्देश पारित करने के लिए स्पीकर एक सप्ताह के भीतर इस मामले को कोर्ट के समक्ष रखें.

'संजय राउत बोले- जानबूझकर देरी कर रहे हैं स्पीकर'

वहीं शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र स्पीकर शिंदे गुट के विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं.

पत्रकारों से बातचीत में राउत ने कहा कि इस मामले में नार्वेकर की निष्क्रियता दर्शाती है कि वह असंवैधानिक सरकार का समर्थन कर रहे हैं.

'स्पीकर असंवैधानिक सरकार का समर्थन कर रहे हैं'

राउत ने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट निर्देशों के बाद भी स्पीकर समय खराब कर रहे हैं. वह राज्य की असंवैधानिक सरकार का समर्थन कर रहे हैं.

उद्धव गुट ने दायर की थी कोर्ट में याचिका

बता दें कि उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना ने शिंदे गुट के विधायकों और कुछ कैबिनेट मंत्रियों की अयोग्यता को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं.

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