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स्मृति ईरानी ने 'अहमदिया' विवाद पर वक्फ बोर्ड को लगाई जमकर फटकार "आपको धर्म से बाहर करने का नहीं है अधिकार"....

Ahmadiyya Muslim: अल्पसंख्यक मामले की मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि "देश किसी भी वक्फ बोर्ड के पास किसी व्यक्ति या समुदाय को धर्म से बाहर करने का अधिकार नहीं है.आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड या उसका समर्थन करने वाले जमीयत उलेमा ए हिंद. किसी के पास यह अधिकार नहीं है.

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Avinash Kumar Singh
स्मृति ईरानी ने 'अहमदिया' विवाद पर वक्फ बोर्ड को लगाई जमकर फटकार "आपको धर्म से बाहर करने का नहीं है अधिकार"....

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम बताने वाले पारित प्रस्ताव को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने बड़ा बयान दिया है. अल्पसंख्यक मामले की मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि "देश किसी भी वक्फ बोर्ड के पास किसी व्यक्ति या समुदाय को धर्म से बाहर करने का अधिकार नहीं है.आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड या उसका समर्थन करने वाले जमीयत उलेमा ए हिंद. किसी के पास यह अधिकार नहीं है.

"वक्फ बोर्ड या किसी व्यक्ति या समुदाय को धर्म से बाहर करने का अधिकार नहीं"

इस मुद्दे पर स्मृति ईरानी ने बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि "मैं केवल इतना कहना चाहती हूं कि सभी वक्फ बोर्ड संसद के अधिनियम के तहत आते हैं. कोई भी वक्फ बोर्ड संसद की गरिमा के विपरीत काम नहीं कर सकता और उसके द्वारा बनाए गए कानूनों का उल्लंघन नहीं कर सकता. किसी भी वक्फ बोर्ड को इसकी इजाजत नहीं है कि वह किसी फतवे को सरकारी आदेश में बदल दें.अहमदिया समुदाय से एक पत्र मिलने के बाद अभी भी हमे आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव के जवाब का इंतजार है. हिंदुस्तान की संसद जो कानून तय करेगी उसी के अनुसार वक्फ बोर्डों को काम करना होगा "

अहमदियाओं को मुस्लिम ना मानने का आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड का फैसला

दरअसल आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड ने एक प्रस्ताव पारित कर अहमदिया समुदाय को "काफिर" (ऐसा व्यक्ति जो इस्लाम का अनुयायी न हो) को गैर मुस्लिम बताया था. प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (एमएम समूह) ने अहमदिया समुदाय को गैर-मुस्लिम बताने वाले आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड के इस रुख का समर्थन करते हुए दावा किया कि यह सभी मुसलमानों का "सर्वसम्मत रूख" है.

"अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने मुख्य सचिव से तलब किया जवाब"

आंध्र प्रदेश वक्फ बोर्ड ने एक प्रस्ताव पारित कर अहमदिया समुदाय को "काफिर" बताएं जाने के बाद अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश सरकार को भेजे पत्र में वक्फ बोर्ड के प्रस्ताव को "नफरती अभियान" बताते हुए पूरे देश में इसका असर पड़ने की बात कही थी. अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है