शरद पवार को रामलला प्राण प्रतिष्ठा का मिला निमंत्रण, जानें अयोध्या जाने को लेकर क्या है उनका प्लान?
NCP चीफ शरद पवार को रामलला प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला है. निमंत्रण मिलने के बाद शरद पवार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को पत्र लिखा है.
नई दिल्ली: NCP चीफ शरद पवार को रामलला प्राण प्रतिष्ठा का निमंत्रण मिला है. निमंत्रण मिलने के बाद शरद पवार ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने चंपत राय का आभार जताया है. लिऱे गए पत्र में शरद पवार ने बताया है कि 22 जनवरी को जब प्राण प्रतिष्ठा पूरी हो जाएगी उसके बाद समय निकालकर वे सहजता से दर्शन के लिए आएंगे.
'समय निकालकर वे सहजता से दर्शन के लिए आएंगे'
'भगवान राम के नाम पर राजनीति'
बीते दिनों एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा बड़ा बयान देते हुए कहा कि राजीव गांधी के कार्यकाल में राम मंदिर का शिलान्यास हुआ था लेकिन बीजेपी और आरएसएस भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है. पीएम मोदी के 11 दिनों के अनुष्ठान पर शरद पवार ने कहा कि मैं राम जी में उनकी आस्था का सम्मान करता हूं लेकिन अगर वह गरीबी मिटाने के लिए व्रत रखने का फैसला करते तो लोग उसकी सराहना करते.
तमाम विपक्षी दलों ने प्राण प्रतिष्ठा से बनाई दूरी
कांग्रेस, टीएमसी, शिवसेना (यूबीटी), सपा, BSP, TMC समेत कई तमाम विपक्षी दलों ने इस समारोह से दूरी बना ली है. कांग्रेस ने इस समारोह को BJP और कांग्रेस का इवेंट करार दिया है. राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि वे राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में नहीं जा रहे हैं.
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रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाएंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आरएसएस और बीजेपी ने 22 जनवरी के समारोह को पूरी तरह से राजनीतिक नरेंद्र मोदी समारोह बना दिया है. यह आरएसएस-बीजेपी का कार्यक्रम है और मुझे लगता है कि इसीलिए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह इस समारोह में नहीं जाएंगे. हम सभी धर्मों, सभी प्रथाओं के लिए खुले हैं. यहां तक कि शंकराचार्य ने अपनी राय सार्वजनिक कर दी है कि वे 22 जनवरी के समारोह के बारे में क्या सोचते हैं कि यह एक राजनीतिक समारोह है. इसलिए हमारे लिए ऐसे राजनीतिक समारोह में जाना मुश्किल है.