Electoral Bonds: सुप्रीम कोर्ट से 12 मार्च यानी आज तक की डेडलाइन मिलने के बाद देश का सबसे बड़ा बैंक तेजी से चुनावी बांड (इलेक्टोरल बांड) की जानकारी जुटाने में लग गया है. इस पूरे घटनाक्रम से परिचित लोगों के अनुसार, बैंक का मुंबई स्थित लेनदेन बैंकिंग विपणन विभाग, जो इस कार्य की देखरेख करता है, पूरी ताकत के साथ इलेक्टोरल बांड की जानकारी जुटाने में लग गया है.
बैंक के मैनेजमैंट ने विभाग के कर्मचारियों को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार तय समय सीमा में इस काम को अंजाम देने को कहा है.
बता दें कि सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसबीआई, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए एसबीआई को 12 मार्च तक इलेक्टोरल बांड की जानकारी चुनाव आयोग को देने को कहा था.
क्या थी SBI की मांग
इससे पहले SBI ने एक याचिका दायर कर कहा था कि उसे इलेक्टोरल बांड की जानकारी चुनाव आयोग को सौंपने के लिए 30 जून तक का समय चाहिए क्योंकि इससे जुड़े सभी दस्तावेज जुटाने में उसे समय लग रहा है.
ADR और CPI (मार्कसिस्ट) ने किया था विरोध
वहीं एडीआर और सीपीआई ने एसबीआई की मांग का विरोध करते हुए याचिका दायर की थी ऐसा कर एसबीआई कोर्ड की अवमानना कर रहा है और इसलिए उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने ठुकराई SBI की मांग
सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली 5 जजों की बेंच ने SBI की मांग ठुकराते हुए कहा था कि आपको और समय नहीं दिया जा सकता और 12 मार्च तक आपको हर हाल में चुनावी बांड की जानकारी चुनाव आयोग को सौंपनी होगी. इसके आगे कोर्ट ने कहा था कि चुनाव आयोग को 15 मार्च को इलेक्टोरल बांड से जुड़ी सभी जानकारियां सार्वजनिक करनी होंगी. अगर आज SBI जानकारी देने में असफल होता है तो सुप्रीम कोर्ट आदेश की अवमानना को लेकर उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है.