नई दिल्ली: रामलला प्राण प्रतिष्ठा से पहले मॉरीशस कैबिनेट की ओर से सार्वजनिक कार्यालयों में काम करने वाले हिंदुओं के लिए अनिवार्य 2 घंटे के ब्रेक का ऐलान किया गया है, ताकि वे अयोध्या में राम मंदिर के उद्घाटन से पहले आयोजित होने वाले स्थानीय कार्यक्रमों में भाग ले सकें. अब यह खबर सामने आयी है कि द्वीप देश के मंदिर भारत में भव्य आयोजन से पहले महाकाव्य 'रामायण' के छंदों का जाप आयोजित करेंगे.
मॉरीशस सनातन धर्म मंदिर महासंघ के अध्यक्ष भोजराज घूरबिन ने कहा कि हिंदू-बहुल देश के सभी मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में होने वाले कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में रामायण के छंदों के जाप का आयोजन करेंगे. पूरे मॉरीशस में हमारे सभी हिंदू भाई-बहन इन दिनों जश्न के मूड में हैं. 15 जनवरी को मकर संक्रांति से हमारे सभी मंदिरों में रामायण के श्लोकों का जाप होगा. अयोध्या में मंदिर निर्माण को हम दिवाली के समान मनाएंगे. रोशनी का त्योहार इस साल दिवाली में दो बार मनाया जाएगा. पहली दिवाली 22 जनवरी को पूरे देश में मनाई जाएगी, जबकि दूसरी दिवाली 31 अक्टूबर को रोशनी के त्योहार के वास्तविक उत्सव का प्रतीक होगी.
#WATCH | On preparations in Mauritius in the run-up to January 22, President, Mauritius Sanatan Dharma Temples Federation, Bhojraj Ghoorbin says, "...We have already started the preparation...We are celebrating two Diwali- first Diwali is on January 22, and the second Diwali is… pic.twitter.com/f8aA6zYIPU
— ANI (@ANI) January 13, 2024Also Read
भोजराज घूरबिन ने अपने बयान में आगे कहा जब भी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने मॉरीशस का दौरा किया, उन्होंने हमारे देश को 'छोटा भारत' बताया. राम मंदिर के उद्घाटन से एक दिन पहले 21 जनवरी को हम अपने सभी सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों की भागीदारी के साथ एक मेगा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करेंगे. मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जुगनौथ इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. हम भारत के बाहर पहला देश हैं जहां हिंदू समुदाय के लोग 22 जनवरी को दो घंटे की छुट्टी ले सकते हैं. हम इस निर्णय के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहते हैं. यह हमारे प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जुगनौथ की ओर से लिया गया एक बड़ा निर्णय है.कोई अन्य देश ने अभी तक ऐसा निर्णय नहीं लिया है. मुझे उम्मीद है कि अन्य देशों के नेता हमारे पीएम से प्रेरणा लेंगे और हमारे हिंदू भाइयों और बहनों के लिए भी ऐसा ही करेंगे. उन्होंने आने वाले वर्षों में मॉरीशस से अयोध्या के लिए सीधी उड़ान शुरू होने की भी उम्मीद जताई और कहा कि फेडरेशन पहले ही मॉरीशस के पीएम से इस बारे में बात कर चुका है.