'राम मंदिर उद्घाटन आध्यात्मिक नहीं राजनीतिक.. भक्ति का उपयोग संविधान के खिलाफ', DMK सांसद टीआर बालू का बड़ा बयान
डीएमके सांसद टीआर बालू ने अयोध्या के राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को एक राजनीतिक कार्यक्रम करार दिया. बालू ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन कोई आध्यात्मिक घटना नहीं है बल्कि यह एक राजनीतिक है.
नई दिल्ली: डीएमके सांसद टीआर बालू ने अयोध्या के राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को एक राजनीतिक कार्यक्रम करार दिया. बालू ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर का उद्घाटन कोई आध्यात्मिक घटना नहीं है बल्कि यह एक राजनीतिक है. 2014 में सत्ता में आने के बाद से बीजेपी ने अपने चुनावी वादे पूरे नहीं किए हैं. पार्टी को अपने वादे पूरे न कर पाने का कोई मलाल नहीं है. BJP अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण को अपनी उपलब्धि के रूप में दिखाकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कितने चुनावी वादे पूरे किए हैं? उन्होंने मध्यम वर्ग और निम्न वर्ग के लोगों को संकट में धकेल दिया है.
'वोट बैंक के लिए भक्ति का उपयोग संप्रभुता के खिलाफ'
टीआर बालू ने अपने बयान में आगे कहा "डीएमके एक ऐसी पार्टी है जो एक ईश्वर, एक कुल का पालन करती है, जैसा कि पेरारिंगार अन्ना ने कहा था. पार्टी का भारतीय संविधान में दृढ़ विश्वास है, जो धर्मनिरपेक्षता की बात करता है. यह कभी कोशिश नहीं करता है राजनीति को अध्यात्मवाद के साथ मिलाना. राजनीतिक कारणों और वोट बैंक के लिए भक्ति का उपयोग करना भारत की संप्रभुता और संविधान के खिलाफ है, जो देश के भविष्य के लिए अच्छा नहीं है. यह निंदनीय है कि BJP इस तरह से एक मंदिर कार्यक्रम का उपयोग कर रही है.
रामलला प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का मुहूर्त
अयोध्या में रामलला प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए वैदिक अनुष्ठान 16 जनवरी को शुरू होगा. वाराणसी के वैदिक विद्वान लक्ष्मी कांत दीक्षित 22 जनवरी को राम लला के अभिषेक समारोह का मुख्य अनुष्ठान करेंगे. 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 84 सेकंड का अति सूक्ष्म मुहूर्त निकाला गया है. जो 12 बजकर 29 मिनट 8 सेकंड से 12 बजकर 30 मिनट 32 सेकंड तक होगा. मध्याह्न काल में मृगशिरा नक्षत्र में 84 सेकेंड के मुहूर्त में प्रधानमंत्री मोदी रामलला के विग्रह की आंखों में बंधी पट्टी यानी दिव्य दृष्टि खोलने के बाद काजल व टीका लगाने के साथ-साथ भगवान रामलला की महाआरती करेंगे.