menu-icon
India Daily
share--v1

वन नेशन वन इलेक्शन पर जल्द कैबिनेट के पास पहुंचेगी कोविंद पैनल की रिपोर्ट, अगर हुआ फैसला तो क्या बदलेगा?

One Nation One Election: एक राष्ट्र, एक चुनाव पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति की रिपोर्ट को मोदी कैबिनेट के सामने प्रस्तुत किया जा सकता है. सूत्रों का कहना है कि ये यह नई सरकार के 100 दिन के एजेंडे में शामिल है. देश में वर्तमान समय में विधानसभा और लोकसभा चुनाव अलग-अलग समय पर कराए जाते हैं. प्रत्येक वर्ष किसी न किसी राज्य में विधानसभा चुनाव होता है.

auth-image
India Daily Live
Ram Nath Kovind
Courtesy: Social Media

One Nation One Election: सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय कानून मंत्रालय हाई लेवल कमेटी द्वारा बनाई गई वन नेशन वन इलेक्शन की रिपोर्ट मोदी कैबिनेट के सामने पेश करने का प्लान बना रहा है. यह नई सरकार के 100 दिन के प्लान का हिस्सा भी है. लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को नई सरकार के लिए 100 दिन का एजेंडा तैयार करने का निर्देश दिया था.     

एक राष्ट्र एक कानून पर बनी हाई लेवल कमेटी को भारत के पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने लीड किया था. उन्होंने अपनी रिपोर्ट 15 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को सौंपी थी. इस रिपोर्ट में कोविंद पैनल ने लोकसभा और विधानसभा के चुनाव को एक साथ और इसके बाद 100 दिनों के भीतर क्षेत्रीय चुनाव को कराने की सिफारिश की थी.

क्या कहती है रामनाथ कोविंद समिति की रिपोर्ट?

कोविंद पैनल ने ये अपनी रिपोर्ट में एक ये भी कहा था कि एक साथ लोकसभा और विधानसभा के चुनाव कराने के लिए एक कार्यान्वयन समिति बनाने की भी सिफारिश की थी.

समिति ने कहा था कि एक साथ लोकसभा और राज्यसभा के चुनाव को साथ कराने से संसाधनों की बचत होगी, विकास और सामाजिक सामंजस्य को बढ़ावा मिलेगा. इससे "लोकतांत्रिक ढांचे की नींव मजबूत होगी" और "इंडिया, जो कि भारत है" की आकांक्षाओं को साकार करने में मदद मिलेगी.

रामनाथ कोविंद समिति ने ये भी सिफारिश की थी कि राज्य चुनाव प्राधिकारियों के परामर्श से भारत के चुनाव आयोग द्वारा एक समान मतदाता सूची और मतदाता पहचान पत्र तैयार किया जाए.

वर्तमान में भारतीय चुनाव आयोग लोकसभा और राज्यसभा के चुनाव के लिए उत्तरदायित्व है. वहीं, नगर पालिका और पंचायत चुनाव राज्य चुनाव आयोग की देखरेख में संपन्न होते हैं.

रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने वन नेशन वन इलेक्शन को लागू करने के लिए संविधान में 18 संशोधन करने की सिफारिश की है.

विधि आयोग भी जल्द जारी कर सकता है अपनी रिपोर्ट

इसके अलावा ही विधि आयोग की वन नेशन वन इलेक्शन पर रिपोर्ट जल्द आ सकती है. सूत्रों का कहना है कि विधि आयोग अपनी रिपोर्ट में वर्ष 2029 से सरकार के तीनों स्तरों - लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के लिए एक साथ चुनाव कराने की सिफारिश कर सकता है. 

अगर लागू हुआ वन नेशन वन इलेक्शन तो क्या होगा?

अगर भारत में वन नेशन वन इलेक्शन लागू होता है तो देश में लोकसभा और विधानसभा के चुनाव एक साथ होगा. एक साथ चुनाव कराने से खर्च कम होगा. चुनाव आयोग को पांच साल में सिर्फ एक बार तैयारी करनी होगा. अभी हर साल देश में विधानसभा चुनाव होते रहते हैं. चुनाव आयोग साल भर व्यस्त रहता है.