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भाई को थाने में बंद करने का कारण पूछने पर पुलिस ने की जमकर पिटाई, घायल युवक अस्पताल में भर्ती, SP ने दिये जांच के आदेश

Kota Crime: यह पूरी घटना अनंतपुरा पुलिस थाने की है. शहर के एसपी ने पुलिस उपाधीक्षक हर्षराज खरेड़ा को मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

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Sagar Bhardwaj
भाई को थाने में बंद करने का कारण पूछने पर पुलिस ने की जमकर पिटाई, घायल युवक अस्पताल में भर्ती, SP ने दिये जांच के आदेश

नई दिल्ली: पुलिस, जिसके कंधों पर आम जनता की सुरक्षा, समाज को भयमुक्त करने की जिम्मेदारी होती है, यदि वही पुलिस जनता के बीज डर का माहौल बना दे तो फिर क्या हो. राजस्थान के कोटा से एक ऐसा ही मामला सामने आया है जो कोटा पुलिस की कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है. 

आरोप है कि कोटा पुलिस ने एक शख्स को लॉकअप में डाल दिया, जब उसके भाई ने पुलिस से अपने भाई को थाने में बंद करने का कारण पूछा तो पुलिस ने उसकी जमकर पिटाई कर दी. पुलिस की पिटाई से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, उसे अस्पताल में भर्ती कराने तक की नौबत आ गई. फिलहाल युवक का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

अस्पताल में स्ट्रेचर पर डालकर चले गए पुलिसवाले

पीड़ित युवक का नाम किशन भार्गव है, जो कोटा नगर विकास न्यास में ऑपरेटर का काम करता है. किशन ने बताया कि अंतरपुरा पुलिस ने उसके साथ बहुत ही अमानवीय व्यवहार किया है. पहले उसे पीटा गया और उसके बाद उसे लॉकअप में बद कर दिया गया.

उसने बताया कि लॉकअप में जब उसे उस्टियां होने लगीं और वह बेहोश हो गया तो पुलिसवाले उसे जीप में डालकर मेडिकल कॉलेज लाए और उसे स्ट्रेचर पर डालकर चले गए.  गनीमत रही की उसे समय पर इलाज मिल गया वरना बड़ा हादसा हो सकता था.

क्या था पूरा मामला
किशन ने बताया कि अनंतपुरा पुलिस ने घरेलू विवाद को लेकर उसके चचेरे भाई को थाने में बंद कर दिया था, जब उसने थाने पहुंचकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी से पूछा कि उसके भाई मोहित के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं है फिर उसे थाने में क्यों बंद किया गया है, उसे छोड़ दी जिए. इस पर पुलिसकर्मी ने कहा कि उसे कल छोड़ेंगे.

जब किशन ने कहा कि यह गलत है तो पुलिसवाले भड़क गए  और किशन की जमकर पिटाई कर दी. जब उसने वीडियो बनाने का प्रयास किया तो दूसरे पुलिसकर्मी भी आ गए और उसे जमकर पीटा. इसके बाद उसका मोबाइल छीनकर उसे लॉकअप में डाल दिया.

मामले ने पकड़ा तूल तो एसपी ने दिए जांच के आदेश
जब यह खबर मीडिया में फैली तो मामले ने तूल पकड़ लिया. अब इस मामले में शहर के पुलिस अधीक्षक ने जांच करने की बात कही है और मामले की जांच पुलिस उपाधीक्षक हर्षराज खरेड़ा को सौंपी है.

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