Rajasthan Minister lost sriganganagar karanpur assembly by election: राजस्थान की नई भजनलाल शर्मा सरकार को झटका लगा है. भजनलाल कैबिनेट में मंत्री रहे सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को श्रीकरणपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में हार का सामना करना पड़ा है. सुरेंद्र सिंह टीटी को कांग्रेस प्रत्याशी 12 हजार 570 वोटों से चुनाव हरा दिया. बता दें कि सुरेंद्र पाल 10 दिन पहले राजस्थान में हुए कैबिनेट विस्तार में मंत्री बनाए गए थे. अब उन्हें मंत्री बने रहने के लिए अगले छह महीने में किसी विधानसभा सीट से चुनाव जीतना होगा. ये तभी हो सकता है, जब कोई सीट खाली हो, लेकिन फिलहाल राजस्थान की सभी सीटों पर विधायक चुने जा चुके हैं.
पिछले महीने यानी नवंबर में हुए चुनाव के लिए प्रचार के दौरान श्रीकरणपुर सीट से प्रत्याशी गुरमीत सिंह कूनर के निधन के बाद इस सीट पर चुनाव नहीं कराए गए थे. 5 जनवरी को इस सीट पर उपचुनाव कराए गए थे. भाजपा ने यहां से 10 दिन पहले मंत्रीपद की शपथ लेने वाले सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को मैदान में उतारा था, जबकि कांग्रेस ने गुरमीत सिंह कूनर के बेटे रूपिंदर सिंह को अपना प्रत्याशी बनाया था. बता दें कि सुरेंद्र पाल सिंह टीटी को भजनलाल शर्मा कैबिनेट में 30 दिसंबर को राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया था.
श्रीकरणपुर में कांग्रेस प्रत्याशी श्री रुपिन्दर सिंह कुन्नर को जीत की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। यह जीत स्व. गुरमीत सिंह कुन्नर के जनसेवा कार्यों को समर्पित है।
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) January 8, 2024
श्रीकरणपुर की जनता ने भारतीय जनता पार्टी के अभिमान को हराया है। चुनाव के बीच प्रत्याशी को मंत्री बनाकर आचार संहिता…
राजस्थान के पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने श्रीकरणपुर सीट से उपचुनाव में जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह को जीत की बधाई दी है. गहलोत ने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर लिखा- श्रीकरणपुर में कांग्रेस प्रत्याशी रूपिंदर सिंह कूनर को जीत की बधाई. ये जीत स्व. गुरमीत सिंह कुन्नर के जनसेवा को समर्पित है. गहलोत ने इस दौरान भाजपा पर तंज भी कसा और कहा कि श्रीकरणपुर के मतदाताओं ने भाजपा के अभिमान को हराया है.
बता दें कि 5 जनवरी को हुए उपचुनाव में 81.38 फीसदी मतदान हुआ था. इससे पहले 25 नवंबर को राजस्थान की 199 सीटों पर मतदान हुआ था. 3 दिसंबर को चुनाव के नतीजे आए थे, जिसमें भाजपा ने 115 सीटों पर जीत दर्ज किया था. नतीजों के 12 दिनों बाद भजनलाल शर्मा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. उनके साथ ही दीया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा को डिप्टी सीएम बनाया गया था. 30 दिसंबर को राजस्थान कैबिनेट का विस्तार किया गया था.