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'राहुल और सोनिया एंटी-हिंदू.. बनाया राजनीतिक कार्यक्रम..', प्राण प्रतिष्ठा से कांग्रेस की दूरी पर CM सरमा का वार

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान देते हुए कहा "राहुल गांधी वहां गए होते तो इसे कोई राजनीतिक रंग नहीं मिलता. राहुल और सोनिया गांधी अपने एंटी-हिंदू धारणा की वजह से कार्यक्रम को राजनीतिक बना रहे हैं.

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Avinash Kumar Singh
Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma

हाइलाइट्स

  • रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाएंगे राहुल गांधी
  • असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर बोला हमला

नई दिल्ली: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि वे राम मंदिर के उद्घाटन समारोह में नहीं जा रहे हैं. जिसके बाद BJP हमलावर हो गई है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बड़ा बयान देते हुए कहा "राहुल गांधी वहां गए होते तो इसे कोई राजनीतिक रंग नहीं मिलता. हमने उनको इस कार्यक्रम में शामिल होने का मौका दिया ताकि ये अराजनीतिक समारोह बना रहे लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम का बहिष्कार किया है. जिसकी वजह से अब ये एक राजनीतिक कार्यक्रम बन गया है, जो अब तक नहीं था. राहुल और सोनिया गांधी अपने एंटी-हिंदू धारणा की वजह से कार्यक्रम को राजनीतिक बना रहे हैं. सिर्फ कांग्रेस पार्टी ही इस कार्यक्रम का राजनीतिकरण कर रही है. लोगों के लिए यह भारतीय सभ्यता की जीत है."

रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में नहीं जाएंगे राहुल गांधी 

नागालैंड की राजधानी कोहिमा में भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि आरएसएस और बीजेपी ने 22 जनवरी के समारोह को पूरी तरह से राजनीतिक नरेंद्र मोदी समारोह बना दिया है. यह आरएसएस-बीजेपी का कार्यक्रम है और मुझे लगता है कि इसीलिए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह इस समारोह में नहीं जाएंगे. हम सभी धर्मों, सभी प्रथाओं के लिए खुले हैं. यहां तक ​​कि शंकराचार्य ने अपनी राय सार्वजनिक कर दी है कि वे 22 जनवरी के समारोह के बारे में क्या सोचते हैं कि यह एक राजनीतिक समारोह है. इसलिए हमारे लिए ऐसे राजनीतिक समारोह में जाना मुश्किल है.

'उद्देश्य किसी की भावनाओं या किसी धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं'

रामलला प्राण प्रतिष्ठा में शामिल नहीं होने को लेकर बीते दिनों खरगे ने कहा था कि इस निर्णय का उद्देश्य किसी की भावनाओं या किसी धर्म को ठेस पहुंचाना नहीं है. हम पहले ही कह चुके हैं कि अगर कोई 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए अयोध्या जाना चाहता है, तो वे जब चाहें जाने के लिए स्वतंत्र हैं. कार्यक्रम में शामिल न होने के हमारे फैसले को लेकर BJP की तरफ से हमें लगातार निशाना बनाया जा रहा है .यह अनुचित है. हमारे फैसले का उद्देश्य किसी व्यक्ति या धर्म की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था. दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को निमंत्रण दिया गया था लेकिन उन्होंने शामिल होने से इंकार कर दिया था.