'देश अमृत काल के प्रारंभिक दौर से गजुर रहा है', गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम राष्ट्रपति का संबोधन
President Address To Nation: 26 जनवरी को 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जाएगा. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु राष्ट्र को संबोधित कर रही हैं.
President Address To Nation: देशभर में 26 जनवरी को 75वें गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जाएगा. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने देश वासियों को संबोधित करते हुए 75वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी. इस दौरान उन्होंने देश की लोकतंत्र, अयोध्या राम मंदिर से लेकर कर्पूरी ठाकुर तक की जिक्र किया है.
यह एक युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि गणतंत्र दिवस हमारे आधारभूत मूल्यों और सिद्धांतों को स्मरण करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है. यह एक युगांतरकारी परिवर्तन का कालखंड है. राष्ट्रपति ने अयोध्या राम मंदिर का जिक्र करते हुए कहा कि हम सबने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के जन्मस्थान पर निर्मित भव्य मंदिर में स्थापित मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा का ऐतिहासिक समारोह देखा. उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में जब इस घटना को व्यापक परिप्रेक्ष्य में देखा जाएगा तब इतिहासकार, भारत द्वारा अपनी सभ्यागत विरासत की निरंतर खोज में युगांतरकारी आयोजन के रूप में इसका विवेचन करेंगे.
'भारत को 'लोकतंत्र की जननी' कहा जाता है'
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि कल वह दिन है जब हम संविधान के प्रारंभ होने का जश्न मनाएंगे. इसकी प्रस्तावना 'हम, भारत के लोग' शब्दों से शुरू होती है. दस्तावेज़ के विषय अर्थात् लोकतंत्र पर प्रकाश डाला गया. भारत में लोकतांत्रिक व्यवस्था पश्चिमी लोकतंत्र की अवधारणा से कहीं अधिक पुरानी है. यही कारण है कि भारत को 'लोकतंत्र की जननी' कहा जाता है.
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राष्ट्रपति ने कर्पूरी ठाकुर को किया याद
अपने संबोधन में कर्पूरी ठाकुर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अपने योगदान से सार्वजनिक जीवन को समृद्ध बनाने के लिए मैं कर्पूरी जी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं. आपको बताते चलें, हाल में ही केंद्र सरकार ने कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न देने का ऐलान किया है.