नई दिल्ली: विजय दिवस के मौके पर पीएम मोदी ने 1971 युद्ध के बहादुर नायकों को सलाम श्रद्धांजलि दी है. जिनके बलिदान के कारण भारत को निर्णायक जीत मिली. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा "आज विजय दिवस पर हम उन सभी बहादुर नायकों को हार्दिक श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने 1971 में निर्णायक जीत सुनिश्चित करते हुए कर्तव्यनिष्ठा से भारत की सेवा की. उनकी वीरता और समर्पण राष्ट्र के लिए अत्यंत गौरव का स्रोत है. उनका बलिदान और अटूट भावना हमेशा लोगों के दिलों और हमारे देश के इतिहास में अंकित रहेगी. भारत उनके साहस को सलाम करता है और उनकी अदम्य भावना को याद करता है."
Today, on Vijay Diwas, we pay heartfelt tributes to all the brave heroes who dutifully served India in 1971, ensuring a decisive victory. Their valour and dedication remain a source of immense pride for the nation. Their sacrifices and unwavering spirit will forever be etched in…
— Narendra Modi (@narendramodi) December 16, 2023
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सीडीएस जनरल अनिल चौहान, सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे, वायुसेना के उप प्रमुख एयर मार्शल अमर प्रीत सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार के साथ विजय दिवस के मौके पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की.
#WATCH | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh along with CDS Gen Anil Chauhan, Army Chief Gen Manoj Pande, IAF Vice Chief Air Marshal Amar Preet Singh & Navy Chief Admiral R Hari Kumar laid wreath at the National War Memorial, on the occasion of #VijayDiwas pic.twitter.com/rG8dGZa5ZT
— ANI (@ANI) December 16, 2023
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक्स पोस्ट पर लिखा "विजय दिवस के विशेष अवसर पर राष्ट्र 1971 के युद्ध के दौरान भारत के सशस्त्र बलों द्वारा प्रदर्शित अदम्य साहस और वीरता को सलाम करता है. हमें अपनी सशस्त्र सेनाओं पर गर्व है, जिन्होंने हर परिस्थिति में निडर होकर हमारे देश की रक्षा की है. उनका बलिदान और सेवा सदैव हमारे दिलों में अंकित रहेगी."
On the special occasion of ‘Vijay Diwas’, the nation salutes the indomitable courage and valor displayed by India’s armed forces during the 1971 war.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) December 16, 2023
We are proud of our Armed Forces who have fearlessly protected our country in every circumstance. Their sacrifice and service…
दरअसल साल 1971 का भारत-पाकिस्तान युद्ध 3 दिसंबर को शुरू हुआ और 13 दिनों तक चला. 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल नियाजी ने अपने 93,000 सैनिकों के साथ भारतीय सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. उसके बाद दोनों देशों के बीच युद्ध आधिकारिक तौर पर 16 दिसंबर को समाप्त हुई. पाकिस्तान की करारी हार के बाद पूर्वी पाकिस्तान आजाद हो गया. इस दौरान देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान को अलग से एक नया राष्ट्र बनाने का एलान किया. जिसे हम आज बांग्लादेश नाम से जानते है.