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Pension: 46 साल तक काटे सरकारी दफ्तर के चक्कर, 91 की उम्र में महिला को मिलेगी पेंशन

21 अगस्त 2023 को केंद्रपाड़ा जिला कलेक्टर ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि उनके पति की मौत 1977 में हुई थी जबकि पेंशन योजना 1980-81 में लागू की गई थी, इसलिए वह पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं है.

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Pension: 46 साल तक काटे सरकारी दफ्तर के चक्कर, 91 की उम्र में महिला को मिलेगी पेंशन

Pension:  पति के गुजर जाने के 46 साल बाद तक एक महिला पेंशन पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटती रही लेकिन कहीं उसकी सुनवाई नहीं हुई लेकिन अब ओडिशा हाई कोर्ट ने महिला को अगले महीने से पेंशन जारी करने का आदेश दिया है. आदेश महिला के पक्ष में जरूर आया लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि महिला की उम्र अब 91 साल हो चुकी है. बिना पेंशन के उसने इतना लंबा समय कैसे बिताया होगा आप समझ सकते हैं.

जिला कलेक्टर ने ठुकरा दी थी पेंशन की याचिका

दरअसल, हरा साहू के पति एक स्कूल में शिक्षक थे. पद पर रहने के दौरान ही 46 साल पहले 1977 में उनकी मौत हो गई. पति की मौत के बाद हरा साहू ने केंद्रपाड़ा स्कूल एवं जन शिक्षा प्राधिकरण के सामने 1991 तक पेंशन को लेकर कई याचिकाएं दीं लेकिन कुछ नहीं हुआ. 21 अगस्त 2023 को केंद्रपाड़ा जिला कलेक्टर ने उनकी याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि उनके पति की मौत 1977 में हुई थी जबकि पेंशन योजना 1980-81 में लागू की गई थी, इसलिए वह पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं है.

अब कोर्ट ने महिला के पक्ष में दिया आदेश

इसके बाद महिला ने 19 अक्टूबर 2023 को हाई कोर्ट में याचिका दायर की. कोर्ट ने केंद्रपाड़ा के कलेक्टर के आदेश को रद्द करते हुए कहा कि अगर उनके पति जीवित होते तो वे 1983 में रिटायर होते जिससे वह पेंशन योजना के लिए पात्र होते. इसलिए उनकी पत्नी को पति की मौत से लेकर अब तक हर साल की पेंशन, ग्रेच्युटी और सभी संबंधित सुविधाएं दी जाएं.

कोर्ट ने जिला कलेक्टर को लगाई फटकार

बता दें कि कोर्ट ने 15 नवंबर 2023 को ही हरा साहू के परिवार को पेंशन देने का आदेश पारित कर दिया था लेकिन इतने महीने बाद भी आदेश का अनुपान न होने पर कोर्ट ने केंद्रपाड़ा के जिला कलेक्टर को कड़ी फटकरा लगाते हुए दो महीने के भीतर महिला को पेंशन जारी करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि अगर इस बार आदेश का पालन नहीं हुआ तो इसे अदालत के आदेश का  जानबूझकर उल्लंघन माना जाएगा.