menu-icon
India Daily
share--v1

Noida: पुलिस ने पकड़ा आंखों के सामने गाड़ी गायब करने वाला चोरों का गैंग, कहानी जान उड़ जाएंगे आपके होश

Noida: महंगी-महंगी लग्जरी कारें मिनटों में गायब कर देने वाले गैंग को पुलिस ने पकड़ लिया है. इस गैंग का सरगना भी पकड़ा गया है.

auth-image
Gyanendra Tiwari
Noida: पुलिस ने पकड़ा आंखों के सामने गाड़ी गायब करने वाला चोरों का गैंग, कहानी जान उड़ जाएंगे आपके होश

Noida: आपने अभय देओल की मशहूर फिल्म ओए लकी, लकी ओए जरूर देखी होगी. उसमें अभय देओल ने शातिर गाड़ी चोर लकी का किरदार निभाया है. आज हम आपको रियल लाइफ में लकी 'गद्दु' के बारे में बताने जा रहे हैं जिस पर दर्जनों मुकदमे है. आइए जानते हैं कि कैसे 'गद्दु' नोएडा पुलिस के हत्थे चढ़ा और उसका नेटवर्क कहां तक फैला था.

ऑन डिमांड चोरी करते थे गाड़ियां

नोएडा एडीसीपी शक्ति अवस्थी बताते हैं कि नोएडा पुलिस ने बीते दिनों एक गिरोह को पकड़ा था. ये गिरोह एनसीआर के क्षेत्रों से गाड़ियां चुराकर अलग अलग राज्यों में सप्लाई करता था. शक्ति अवस्थी बताते हैं कि आठ लोगों की गिरफ्तारी सेक्टर 20 और फेज1 थाना पुलिस ने की थी. आरोपियों की पहचान इमरान उर्फ टट्टी, मोनू उर्फ जमशेद, फरनाम, राशिद, साहिबजादा,साकिब उर्फ गद्दु, रोहित, और रंजीत के रूप में हुई थी. ये सभी लग्जरी गाड़ियों को चुराते थे और उनको बेचते थे.

गद्दु और टट्टी उर्फ इमरान की भूमिका अहम

एडीसीपी शक्ति अवस्थी बताते हैं कि गद्दु उर्फ शाकिब इस गिरोह का सरगना है. टट्टी उर्फ इमरान इस गिरोह में अहम भूमिका निभाते थे. गद्दु ऑन डिमांड लक्सरी गाड़िया जैसे फॉर्च्यूनर, स्कोर्पियो, बलेनो इत्यादि की डिमांड टट्टी उर्फ इमरान को देता था और इमरान अपने साथियों मोनू उर्फ जमशेद, फरनाम, राशिद, साहिबजादा, रोहित, और रंजीत के साथ मिलकर गाड़ियां चुराते थे, फिर साकिब उर्फ गद्दु उसे उनसे खरीद लेता था और बिहार,बंगाल,असम समेत अन्य राज्यों में बेच देता था. एडीसीपी बताते हैं कि गाड़ियों को बेचने से पहले साकिब उर्फ गद्दु नंबर प्लेट और चैसिस नंबर बदल देता था.

फॉर्च्यूनर आठ लाख में, स्कोर्पियो पांच लाख में
thieves car

डीसीपी हरिश्चंद्र बताते हैं कि साकिब उर्फ गद्दु कबाड़ी का काम मेरठ में करता है उसपर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई चल रही है. डीसीपी बताते हैं कि ये अलग अलग राज्यों में गाड़ियों को बेचने थे, आरोपित फरमान और राशिद प्रोग्रामिंग के एक्सपर्ट हैं, ये गाड़ियों को हैक करके बिना चाबी के ही खोल लेते थे. फॉर्च्यूनर आठ लाख में, स्कोर्पियो पांच लाख में, बलेनो, क्रेटा 2 से 3 लाख में, ब्रेजा एक लाख में बेच देते थे.

यह भी पढ़ें- खतरे की बज गयी घंटी! दिल्ली दरबार में CM शिंदे और फडणवीस के हाजिर होने के क्या हैं सियासी मायने?