चीन, POK और आर्टिकल 370..NCERT ने बदला Syllabus, खालिस्तान को लेकर भी किया बड़ा फैसला

NCERT Syllabus Changes: एनसीईआरटी ने आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए किताबों के कंटेंट में बड़ा बदलाव किया है. 12वीं की राजनीति विज्ञान की किताब में चीन के साथ भारत की सीमा स्थिति समेत कई विषयों से कंटेंट को बदला गया है.

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NCERT Syllabus Changes: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने आगामी शैक्षणिक वर्ष के लिए विभिन्न विषयों की किताबों में बड़ा बदलाव किया है. 12वीं की राजनीति विज्ञान की किताब से भारत-चीन सीमा विवाद से संबंधित कुछ कंटेंट को हटा दिया गया है. इसके अलावा POK को लेकर भी कंटेंट में बदलाव किया है.

एनसीईआरटी ने खालिस्तान और अनुच्छेद 370 को लेकर भी कुछ चीजें जोड़ी है, जबकि कुछ को हटाया गया है. एनसीईआरटी ने अपनी किताबों में कई बदलाव करते हुए संवेदनशील विषयों को हटा दिया है. कंटेंपरेरी वर्ल्ड पॉलिटिक्स (Contemporary World Politics) के अध्याय 2 में भारत-चीन संबंध शीर्षक वाले पैराग्राफ से मौजूदा स्टेटमेंट को बदल दिया है.

चीन को लेकर बदला किताब का स्टेटमेंट

इससे पहले, 25वें पन्ने पर मौजूद स्टेटमेंट,"हालांकि, दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर सैन्य संघर्ष ने उस आशा को धूमिल कर दिया है", को बदलकर "हालांकि, भारतीय सीमा पर चीनी आक्रामकता ने उस आशा को धूमिल कर दिया है" कर दिया है.

पैराग्राफ में बताया गया संदर्भ जवाहरलाल  नेहरू के प्रधानमंत्री काल के उस समय की बात करता है जब "हिंदी-चीनी भाई भाई" के नारे लगाए गए थे. किताब के पैरा 1950 में तिब्बत पर चीनी कब्जे और चीन-भारत सीमा पर अंतिम समझौते, मुख्य रूप से अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख के अक्साई चिन क्षेत्र में प्रतिस्पर्धी क्षेत्रीय दावों पर 1962 के युद्ध से उत्पन्न मतभेदों के बारे में बताया गया है.


आज़ाद पाकिस्तान अब हुआ POJK

सिर्फ भारत-चीन संबंध ही नहीं, बल्कि 12वीं की किताब 'स्वतंत्रता के बाद से भारत में राजनीति' से "आजाद पाकिस्तान" शब्द को बदलकर "पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर" कर दिया गया है. किताब के मौजूदा संस्करण के पृष्ठ 119 पर लिखा है कि पाकिस्तान इस क्षेत्र को 'आजाद पाकिस्तान' के रूप में वर्णित करता है.

अब, संस्करण को बदलकर "हालांकि, यह भारतीय क्षेत्र है जो पाकिस्तान के अवैध कब्जे में है जिसे पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर (POJK) कहा जाता है" किया गया है. इसको लेकर एनसीईआरटी का तर्क है कि जो बदलाव किया गया है वह जम्मू-कश्मीर के संबंध में भारत सरकार की कई स्थिति से पूरी तरह मेल खाता है.

हटाया गया खालिस्तानी आंदोलन

इतना ही नहीं खालिस्तान या अलग सिख राज्य के लिए अलगाव आंदोलन के संदर्भ को भी एनसीईआरटी ने अपनी किताबों से हटा दिया गया है. पृष्ठ 123 पर लिखा है, "संकल्प संघवाद को मजबूत करने के लिए एक दलील थी, लेकिन इसकी व्याख्या एक अलग सिख राष्ट्र के लिए एक दलील के रूप में भी की जा सकती है". अब इसको बदलकर, "संकल्प भारत में संघवाद को मजबूत करने के लिए एक दलील थी" कर दिया है.

अयोध्या-बाबरी मस्जिद चैप्टर में भी बदलाव

NCERT ने अयोध्या-बाबरी मस्जिद चैप्टर में भी कुछ बदलाव किए हैं. इसमें अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस और 2002 के गुजरात दंगों के कुछ उदाहरण को किताबों से हटा दिया है. इसके अलावा, हिंदुत्व और मणिपुर का भारत में विलय को लेकर भी कंटेंट में चेंज किया गया है.