नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंद कुमार बघेल का सोमवार सुबह निधन हो गया. वह 89 वर्ष के थे. बघेल के पिता पिछले तीन महीने से अस्पताल में भर्ती थे. पिछले साल उन्हें रायपुर के श्री बालाजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत गंभीर बीते कई दिनों से गंभीर बताई जा रही थी. मिली जानकारी के मुताबिक भूपेश बघेल फिलहाल दिल्ली में हैं. वह दोपहर 11.55 के जहाज से दिल्ली से वापस रायपुर जाएंगे. आज दोपहर उनके लौटते ही पिता नंद कुमार बघेल के अंतिम संस्कार का रस्म पूरा किया जाएगा.
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा "दु:ख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि बाबूजी श्री नंद कुमार बघेल जी का आज सुबह निधन हो गया है. अभी पार्थिव शरीर को पाटन सदन में रखा गया है. मेरी छोटी बहन के विदेश से लौटने के बाद अंतिम संस्कार 10 जनवरी को हमारे गृह ग्राम कुरुदडीह में होगा."
दु:ख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि बाबूजी श्री नंद कुमार बघेल जी का आज सुबह निधन हो गया है.
अभी पार्थिव शरीर को पाटन सदन में रखा गया है।
मेरी छोटी बहन के विदेश से लौटने के बाद अंतिम संस्कार 10 जनवरी को हमारे गृह ग्राम कुरुदडीह में होगा। 🙏🏻 pic.twitter.com/Y2lWp36eAv— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) January 8, 2024Also Read
नंद कुमार बघेल अकसर अपने बयानों से विवादों में बने रहते थे. साल 2021 में लखनऊ में शिक्षक भर्ती में गलत आरक्षण प्रक्रिया अपनाने पर धरना दे रहे युवाओं के बीच पहुंचे थे और उनको अपना समर्थन दिया था. इस दौरान उन्होंने ब्राह्मणों को लेकर आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा "हमारा मकसद है कि जिसका वोट उसका राज, वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा, इस आंदोलन को हम करेंगे और ब्राह्मणों को गंगा से वोल्गा भेजेंगे, वो परदेसी हैं, विदेशी हैं, जिस तरह से अंग्रेज लोग आए और चले गए, वैसे यह ब्राह्मण या तो सुधर जाएं या फिर गंगा से वोल्गा जाने के लिए तैयार हो."
नंद कुमार बघेल ने अपने बयान में आगे कहा था "ब्राह्मणों से इसलिए नाराजगी है, क्योंकि ब्राह्मण विदेशी हैं और हमको अछूत मानते हैं, हमारे सारे अधिकार वो छीन रहे हैं और इसलिए उनसे लड़ाई जरूरी है. हर समाज से हम प्रस्ताव करके ब्राह्मणों का बॉयकाट करने के लिए गांव में घुसने दिया जाए, सरपंचों को कहेंगे कि ब्राह्मणवाद का विरोध करें. हम लोग ब्राह्मणों और उनकी विचारधारा वाले लोगों को वोट क्यों दें, इसीलिए हम लोग एससी-एसटी और अल्पसंख्यक को एकजुट कर रहे हैं."