Amethi News in Hindi: हाल ही में उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक घटना सामने आई थी. अमेठी के खरौली गांव में दो लोग साधु बनकर पहुंचे थे. उसमे से एक ने खुद को गांव के रहने वाले रतीपाल का बेटा बताया. रतीपाल का बेटा 2002 में घर छोड़कर भाग गया था. 22 साल बीत चुके थे. ऐसे में सन्यासी ने जब खुद को बेटा बताया तो माता-पिता की आंखे नम हो आई और उन्होंने सच में उसे अपना बेटा मान लिया. माता पिता को लगा कि उनका पिंकू आ गया है. अब वह कहीं नहीं जाएगा. लेकिन कहानी यहीं नहीं खत्म हुई.
बेटे ने कहा कि वह संन्यास धारण कर चुका है उसके गुरु ने कहा कि जाओ अपने घर से भिक्षा लेकर आओ. सन्यासी के कहने पर गांव वालों ने उसे करीब 11 क्विंटल राशन देकर विदा किया. घरवालों ने उसे पैसा देकर भेजा. बुआ ने सन्यासी पिंकू को फोन दिया और बोला की फोन करते रहना. पिंकू ने बताया था कि वह झारखंड के पारसनाथ मठ में रहता है.
10 लाख रुपये की मांग की
अमेठी से विदा लेने के बाद पिंकू ने घरवालों को फोन किया और बोला कि वह वापस घर आना चाहता है. लेकिन उसके गुरु कह रहे हैं कि अगर वह घर जाना चाहता है तो 10 लाख रुपये देने होंगे. बिना 10 लाख रुपये दिए वह उसे घर नहीं जाने देंगे.
पिता ने बेच दिया खेत
पिता रतिपाल और माता भानुमति ने सोचा कि बेटा हमेशा के लिए घर लौटना चाहता है तो उन्होंने गांव की अपनी जमीन 11.2 लाख रुपये में बेच दी. पिता रतिपाल ने कहा कि वह झारखंड आकर पिंकू के गुरु को 10 लाख रुपये देकर उसे घर वापस लेने आ रहे हैं. पिंकू ने पिता को आने से मना करते हुए कहा कि वह यूपीआई या फिर बैंक में पैसे ट्रांसफर कर दें.
पकड़ा गया ठग
पिंकू ने जब कहा कि यूपीआई के जरिए पैसे भेज दीजिए तब रतिपाल को शक हुआ और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी. इसके बाद जब पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि पिंकू नाम का कोई शख्स नहीं है. जो खुद को रतिपाल का बेटा पिंकू बता रहा था वह असल में नफीस निकला. नफीस गोंडा जिले का रहने वाला है. उसने ऐसे कई परिवार के साथ ठगी की है. पुलिस को जांच में पता चला कि नफीस के भाई राशिद ने इसी तरह से जुलाई 2021 में एक परिवार के साथ ठगी की थी.