'... यहूदियों की तरह', संसद में मुसलमानों को लेकर ये क्या बोल गए ओवैसी?
AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. लोकसभा में बजट सत्र में हिस्सा लेते हुए ओवैसी ने अल्पसंख्यकों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में देश के 17 करोड़ मुसलमानों के मन में अविश्वास का भाव पैदा हुआ है.
नई दिल्ली: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है. लोकसभा में बजट सत्र में हिस्सा लेते हुए ओवैसी ने कहा "मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल में देश के 17 करोड़ मुसलमानों के मन में अविश्वास पैदा हो गया है. वे सोचते हैं कि आज उनकी पहचान खतरे में है. देश के मुसलमान गुस्से में हैं और मौजूदा केंद्र सरकार अपनी नीतियों के आधार पर मुस्लिमों को हाशिए पर धकेलने का काम कर रही है."
'मुसलमानों की हालत हिटलर दौर के यहूदियों की तरह'
ओवैसी ने सिलसिलेवार तरीके से आरोपों की बौछार करते हुए कहा "आज देश के मुसलमानों का हालत ऐसी हो गई है, जैसे हिटलर के दौर में यहूदियों की हुआ करती थी. स्कूल में सबसे ड्रॉप आउट और स्कूल में सबसे कम एनरोलमेंट मुसलमानों में है. वहीं सरकार में मुसलमानों के बच्चो को मिलने वाली स्कॉलरशिप को कम कर दिया. इससे साफ है कि पीएम मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार अल्पसंख्यकों को उच्च शिक्षा के अधिकार से वंचित करना चाहती है. बीते 10 साल में एक मजहब और विचारधारा को मजबूत करने का प्रयास किया गया है."
'PM मोदी लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री नहीं, पुजारी या सम्राट'
रामलला प्राण प्रतिष्ठा में पीएम मोदी के मुख्य यजमान बनकर हिस्सा लेने पर ओवैसी ने बड़ा हमला बोलते हुए कहा "ऐसा लगता है कि पीएम मोदी लोकतांत्रिक देश के प्रधानमंत्री नहीं, पुजारी या सम्राट बन चुके हैं. मोदी हिंदू राष्ट्र का इतिहास लिखना चाहते हैं. देश के राष्ट्रपति ने कहा था 22 जनवरी एक ऐतिहासिक दिन है. यह तारीखी दिन इसलिए है क्योंकि इसकी बुनियाद 6 दिसंबर को रखी गई थी. इस सरकार ने लोकतंत्र को खोखला कर दिया और एक शख्स, एक मजहब, एक जुबान और एक विचारधारा को मजबूत कर दिया गया है."