menu-icon
India Daily
share--v1

लोकसभा सुरक्षा चूक मामले में सदन में बरपा हंगामा, इन 13 लोकसभा सांसदों और 1 राज्यसभा सदस्य का हुआ निलबंन

सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में संसद के शीतकालीन सत्र से 15 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया है.

auth-image
Avinash Kumar Singh
लोकसभा

हाइलाइट्स

  • 14 लोकसभा सांसद पूरे सत्र से किया गया निलंबित
  • संसद की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में हुआ निलबंन

नई दिल्ली: सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के आरोप में संसद के शीतकालीन सत्र से 15 विपक्षी सांसदों को निलंबित कर दिया गया है. कांग्रेस के पांच लोकसभा सदस्यों को निलंबित किए जाने के बाद नौ और विपक्षी सांसदों को बचे हुए सत्र के लिए निलंबित किया गया है. वहीं एक राज्यसभा सदस्य को भी शीतकालीन सत्र से निलंबित किया गया है. 

नौ विपक्षी लोकसभा सांसदों का हुआ निलबंन 

नौ विपक्षी लोकसभा सांसदों में बेनी बेहानन, वीके श्रीकंदन, मोहम्मद जावेद, पीआर नटराजन, कनिमोझी करुणानिधि, के सुब्रमण्यम, एसआर पार्थिबन, एस वेंकटेशन और मनिकम टैगोर को निलंबित किया गया है. इन सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पेश किया. जिसके बाद दोपहर 3 बजे सदन की बैठक शुरू होते ही सांसदों को निलंबित कर दिया गया. बाद में सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई.

पांच कांग्रेस सांसदों को बचे सत्र से किया गया निलंबित 

इससे पहले पांच कांग्रेस के संसद सदस्यों को बचे हुए सत्र से निलंबित किया गया था. जिनमें टीएन प्रतापन, हिबी ईडन, एस जोथिमानी, राम्या हरिदास और डीन कुरियाकोस का नाम शामिल है. इन सांसदों के निलंबन का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने पेश किया. जिसके बाद इन सांसदों को निलंबित कर दिया गया. वहीं राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन को निलंबित किया है. 

लोकसभा सुरक्षा चूक मामले को लेकर सदन में बरपा हंगामा 

विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी के बीच जब प्रस्ताव पेश किया गया और पारित किया गया तो बीजद के भर्तृहरि महताब आसन पर थे.  संसदीय कार्य मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि स्पीकर ओम बिरला ने लोकसभा में सुरक्षा चूक मामले को लेकर उच्च स्तरीय जांच के लिए गृह सचिव को पत्र लिखा है और जांच शुरू हो गई है. प्रल्हाद जोशी ने कहा कि इससे पहले भी दर्शक दीर्घा से कागजात फेंके गए थे और ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं पहले भी हुई है. उन्होंने विपक्षी सदस्यों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की. आपको बता दें कि संसद का शीतकालीन सत्र 4 दिसंबर से शुरू हुआ है और 22 दिसंबर को अब समाप्त होगा.