Lok Sabha Elections 2024: जातिगत जनगणना पर कांग्रेस में फूट, आनंद शर्मा ने इसे पूर्व PM इंदिरा और राजीव गांधी का अपमान बताया

Congress on Caste Census: लोकसभा चुनाव से पहले जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ती दिख रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को इस बारे में एक लेटर लिखा है.

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Congress on Caste Census: देश में जातिगत जनगणना की मांग को लेकर कांग्रेस पार्टी में फूट पड़ती दिखाई दे रही है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे को एक लेटर लिखा है, जिसमें कहा गया है कि जातिगत स्तर (पहचान की राजनीति) पर भी पार्टी ने कभी भी न तो राजनीति की और न ही कभी ऐसी राजनीति का समर्थन किया. 

कांग्रेस के सीनियर लीडर आनंद शर्मा ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लेटर लिखा है. इसमें कहा गया है कि जाति जनगणना की मांग पार्टी के पूर्व नेताओं, पूर्व प्रधानमंत्रियों इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का अपमान है, आनंद शर्मा के इस लेटर को न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने शेयर किया है. 

इंदिरा गांधी के 1980 के आह्वान को याद कराया

आनंद शर्मा ने जाति पर कांग्रेस के ऐतिहासिक रुख को स्पष्ट रूप से बताया है. उन्होंने इंदिरा गांधी के 1980 के आह्वान, 'ना जात पर, न पात पर, मोहर लगेगी हाथ पर' को याद किया. उन्होंने यह भी बताया कि साल 1990 में राजीव गांधी ने जातिवाद को चुनावी कारक बनाने का विरोध किया था.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि ऐतिहासिक पथ से हटना देश भर के कई कांग्रेसियों के लिए चिंता का विषय है. इस पर विचार करने की जरूरत है. लेटर में उन्होंने आगे लिखा कि मेरी विनम्र राय है कि इसे इंदिरा गांधी और राजीव गांधी की विरासत का अपमान करने के रूप में गलत समझा जाए.

कर्नाटक और बिहार में हो चुकी है जातिगत जनगणना

जाति जनगणना कांग्रेस की प्रमुख मांगों में से एक केवल कांग्रेस शासित कर्नाटक और बिहार में की गई है, जहां कांग्रेस राजद के साथ गठबंधन के तहत सत्ता में थी. इसी दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि जब केंद्र में हमारी सरकार होगी तो हम देशभर में जाति जनगणना कराएंगे. 

आजीवन कांग्रेस सदस्य रहे आनंद शर्मा ने कहा कि पार्टी के कुछ गठबंधन सदस्यों ने लंबे समय से जाति-आधारित राजनीति की है. उन्होंने कहा कि जाति भारतीय समाज की एक वास्तविकता है. इसलिए कांग्रेस कभी भी इसका समर्थन नहीं करती है. उन्होंने कहा कि ये क्षेत्र, धर्म, जाति और जातीयता की समृद्ध विविधता वाले समाज में लोकतंत्र के लिए हानिकारक है. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कांग्रेस एक ऐसे नजरिए में यकीन करती है जो गरीबों के लिए समानता और सामाजिक न्याय के लिए नीतियां बनाने में मददगार हो.