Lok Sabha Election 2024: अल्पसंख्यकों का बढ़ रहा मोदी सरकार में विश्वास, चुनाव से पहले सकड़ों मुस्लिम ने थामा BJP का दामन
Lok Sabha Election 2024: भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव और एलओपी रामवीर सिंह बिधूड़ी की मौजूदगी में आज सैंकड़ों अल्पसंख्यकों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है.
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव की चहलकदमी के दौरान भारतीय जनता पार्टी की ओर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां दावा किया गया है कि आज दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा और एलओपी रामवीर सिंह बिधूड़ी की मौजूदगी में कई अल्पसंख्यकों ने भाजपा को ज्वॉइन किया है.
लोकसभा चुनाव से पहले राजधानी दिल्ली में अल्पसंख्यको का भारतीय जनता पार्टी में विश्वास बढ़ रहा है. इसका उदाहरण आज दिल्ली में देखने को मिला, जहां सैंकड़ों की संख्या में मुस्लिम समाज के लोगों ने भाजपा का दामन थाम लिया.
300 मुस्लिम समुदाय के लोगों ने ली BJP की सदस्यता
करीब 70 से 80 मुस्लिम समुदाय के लोगों के मुखियाओं ने आज भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव और एलओपी रामवीर सिंह बिधूड़ी की मौजूदगी में भाजपा की सदस्यता ली. दावा किया गया है कि कुल 300 लोगों ने आज भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है और आने वाले वक्त में चुनाव से पहले ये संख्या 1000 के पार होगी.
Also Read
बैठक का संबोधन करते हुए प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेव ने कहा कि आज महत्वपूर्ण ओहदों और अन्य राजनीतिक दलों से जुड़े मुस्लिम समाज का भाजपा का साथ मिला है. उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग के लोगों को आगे लेकर चलूंगा. जब पीएम योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है तो किसी से उसका मजहब नहीं पूछा जा रहा है.
क्या कहता है मोदी सरकार की योजनाओं का आंकड़ा
33% मुस्लिम बहनों को उज्ज्वला योजना का लाभ मिला. आवास योजना में भी 33% मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल रहे. सड़के बनती हैं या फिर कोई और विकास कार्य होता है तो इलाका या फिर वर्ग देखकर नहीं किया जाता है. गंगा जमुनी तहजीब हमारे खून में है. इस कार्यक्रम में अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अनीस अब्बासी भी मौजूद रहे.
आंकड़ों को देखें तो साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में बहुत कुछ बदला, लेकिन BJP को लेकर मुस्लिम वोटर्स का रवैया नहीं. CSDS के मुताबिक दोनों चुनाव में सिर्फ 8% मुसलमानों ने BJP को वोट दिया. 2019 के बाद हुए विधानसभा चुनावों में भी ये पैटर्न रहा. मुसलमान बीजेपी को हराने के लिए मुख्य विपक्षी पार्टी को ही एकजुट वोट करते हैं, लेकिन मौजूदा हालत को देखकर लगता है कि अब देश में तुष्टिकरण की राजनीति ज्यादा असरदार नहीं बची है. मुस्लिम अब महज एक पार्टी विशेष का नहीं है.
क्या रहा है पूर्व में मुस्लिम वोटरों का हाल
हालांकि इन सब उपलब्धियों के बावजूद भाजपा की मुस्लिम वोटर्स को साधने की रणनीति उतनी मजबूत नहीं है, जितनी वह कोशिश करती है. यदि 2020 के आंकड़ों को देखें तो बिहार विधानसभा चुनाव में 77% मुस्लिम वोट महागठबंधन को मिले. 2021 के पश्चिम बंगाल चुनाव में 75% मुस्लिम वोट ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को मिले. 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में 79% मुस्लिमों ने समाजवादी पार्टी को वोट किया. ये सभी पार्टियां भाजपा को चुनौती देती हैं.
नई दिल्ली वैभव परमार की रिपोर्ट...