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Karakat Election Result: दिग्गजों को पछाड़ भाकपा के राजा राम बने सांसद, जानें पवन सिंह को कितने वोटों से हराया

Karakat Lok Sabha Election Result: काराकाट लोकसभा लोकसभा क्षेत्र के रिजल्ट जारी हो गए हैं. यहां से दिग्गजों को पीछे छोड़कर इंडिया गठबंधन की ओर से भाकपा माले के प्रत्याशी राजा राम सिंह ने चुनाव जीत लिया है.

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Karakat Lok Sabha Election Result
Courtesy: IDL

Karakat Lok Sabha Election Result: देश में हुए लोकसभा चुनाव के नतीजे लगभग साफ हो गए हैं. NDA को 292 सीटें मिल रही है. वहीं इंडिया गठबंधन ने अच्छा प्रदर्शन कर 234 सीटें हासिल कर रही है. भाजपा को उम्मीद के अनुसार सीटें नहीं मिल पाई. हालांकि, उसने बिहार में नितीश कुमार के साथ अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन कई बड़ी सीटें गठबंधन हार गया. इसी में शामिल है काराकाट लोकसभा सीट जहां से सभी दिग्गजों को पीछे छोड़कर भाकपा माले के प्रत्याशी राजा राम सिंह ने चुनाव जीत लिया है. उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी पवन सिंह के साथ RML के उपेंद्र कुसवाहा को चुनाव हरा दिया है.

आंकड़ों का बात करें तो काराकाट से इंडिया गबंधन की ओर से भाकपा माले के प्रत्याशी राजा राम सिंह को 380581 वोट मिले. उन्हें टक्कर दी बीजेपी से बाहर हुए पवन सिंह जो 274723 हासिल कर पाए और 105858 मतों के अंतर से चुनाव हार गए. इतना ही नहीं 2014 में यहां से सांसद रहे उपेंद्र कुशवाहा 253876 वोट हासिल कर पाए.

क्या हैं स्थानीय मुद्दे?

चावल उत्पादन के मशहूर काराकाट में पवन सिंह की एंट्री ही एक मुद्दा बन गया है. चुनाव में वह दलीलें देते रहे कि वह अब यहीं के होकर रह जाएंगे और काराकाट को नहीं छोड़ेंगे. सालों से बंद पड़ी फैक्ट्रियों का चालू कराने का मुद्दा, रोजगार की कमी और रेल लाइन का वादा यहां के लोगों को अच्छे से याद है. इस सीट पर भी बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है. खेती में काफी आगे होने के बावजूद इससे जुड़ी इंडस्ट्री यहां नहीं लग पाना लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है.

जातीय समीकरण

बिहार की काराकाट लोकसभा सीट पर सबसे ज्यादा यादव जाति के वोटर हैं. इनकी संख्या लगभग 3 लाख है. इस सीट पर कुशवाहा और कुर्मी जाति के वोटर लगभग ढाई लाख और मुस्लिम वोटर लगभग डेढ़ लाख हैं. 2 लाख राजपूत वोटरों के चलते पवन सिंह के हौसले बुलंद हैं. इनके अलावा, 2 लाख वैश्य, 75 हजार ब्राह्मण वोटर भी हैं और भूमिहार 50 हजार हैं. पवन सिंह के पसीना बहाने से उपेंद्र कुशवाहा की सांसें अटकी हुई हैं. 

2019 में कौन जीता था?

साल 2019 के लोकसभा चुनाव की बात करें तो उपेंद्र कुशवाहा तब भी RLSP के टिकट पर चुनाव लड़े थे. तब उनका सामना JDU के महाबली सिंह कुशवाहा से था. महाबली कुशवाहा 3.98 लाख वोट पाकर विजेता बने थे. वहीं, उपेंद्र कुशवाहा को 3.13 लाख वोट मिले और वह चुनाव हार गए. तब आमने-सामने की लड़ाई थी. इस बार पवन सिंह के आने से मामला बेहद रोचक हो गया है.

लोकसभा सीट का इतिहास

साल 2008 के परिसीमन के बाद 2009 में अस्तित्व में आया काराकाट लोकसभा क्षेत्र पहले बिक्रमगंज के नाम से जाना जाता था. इस लोकसभा क्षेत्र में रोहतास जिले की तीन और औरंगाबाद जिले की तीन विधानसभा सीटें आती हैं. लोकसभा सीट से 2014 में सांसद रह चुके उपेंद्र कुशवाहा NDA में रहते हुए अपने लिए यह सीट ले पाने के बाद अपनी जीत सुनिश्चित मानकर चल रहे थे. अभी तक इस सीट से 2009 और 2019 में महाबली कुशवाहा और 2014 में उपेंद्र कुशवाहा सांसद रहे हैं.