वो बंद लिफाफा जिसने तय किया चंपई सोरेन का नाम, JMM सांसद का खुलासा

Jharkhand Politics: झारखंड के नए सीएम की रेस में हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन का नाम आगे था. सीएम पद की रेस में दूर-दूर तक चंपई सोरेन का नाम नहीं था इसके बाद भी चंपई सोरेन का नाम पर सहमति कैसे बनी. आइए जानते हैं चंपई सोरेन का नाम पर आखिरकार सहमति कैसे बनी.

Purushottam Kumar

Jharkhand Politics: झारखंड की सियासत में जारी उठापटक पर अब विराम लग चुका है. राज्य के नए सीएम के रूप में चंपई सोरेन का शपथ ग्रहण भी हो चुका है. प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हेमंत सोरेन के इस्तीफे के बाद नए सीएम के लिए उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के नाम की चर्चा तेज थी. सीएम पद की रेस में दूर-दूर तक चंपई सोरेन का नाम नहीं था.

हर किसी के दिमाग में अब यह सवाल चल रहा है कि सीएम पद के लिए चंपई सोरेन का नाम पर सहमति कैसे बनी. इस सवाल को लेकर जेएमएम सांसद महुआ माजी ने एक बड़ा खुलासा किया है. आइए जानते हैं राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर चंपई सोरेन का नाम पर सहमति कैसे बनी.

JMM सांसद महुआ माजी का खुलासा

झारखंड के नए सीएम के रूप में चंपई सोरेन के नाम पर सहमति कैसे बनी इसको लेकर सांसद महुआ माजी ने कहा कि हेमंत सोरेन ने एक बंद लिफाफे में चंपई सोरेन का नाम लिखकर छोड़ दिया था. हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी की खबर सामने आने के बाद उस लिफाफे को सभी विधायकों के सामने खोला गया जिसमें चंपई सोरेन का नाम लिखा हुआ था.


जानकारी के अनुसार उस लिफाफे में हेमंत सोरेन ने और भी कई भावुक बातें लिखी थी. हेमंत सोरेन ने अपने पत्र में आगे लिखा था कि उनके बूढ़े माता पिता का ध्यान रखा जाए. बसंत का ध्यान रखा जाए. विधायकों को तोड़ने का खतरा था इसी को देखते हुए उन्हें हैदराबाद भेजा गया.