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India Daily

'भारत को निशाना नहीं बनाया', भारतीयों के वीजा को लेकर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो

भारत आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारतीयों को अमेरिकी वीजा मिलने को लेकर कहा कि यह बदलाव भारत को निशाना बनाने कि लिए नहीं किया गया. ये सभी देशों पर लागू होता है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
'भारत को निशाना नहीं बनाया', भारतीयों के वीजा को लेकर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो
Courtesy: ani

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों और बड़े वैश्विक मुद्दों पर चर्चा के लिए नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है. भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद मीडिया को संबोधित किया. इस बैठक में रक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी, इमीग्रेशन की चिंताओं और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.

कई अहम मुद्दों पर हुई बात

गौरतलब है कि अमेरिकी विदेश मंत्री के रूप में मार्को रुबियो की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा थी. बैठक के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, व्यापार, तकनीक और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच मजबूत और बढ़ते संबंधों की समीक्षा की. उन्होंने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप, पूर्वी एशिया, खाड़ी क्षेत्र के ताजा घटनाक्रमों और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी बातचीत की.

यह बातचीत मार्को रुबियो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के ठीक बाद हुई. दोनों पक्षों ने भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया. हाल ही में दोनों देशों ने अपने 10 साल के प्रमुख रक्षा साझेदारी सिस्टम को रिन्यू किया है और समुद्री सुरक्षा सहयोग से जुड़े एक नए रोडमैप पर भी हस्ताक्षर किए हैं.

प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा कि सुबह के समय द्विपक्षीय वार्ता का पहला दौर पूरा हो चुका है और चर्चा वर्किंग लंच के दौरान भी जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि भले ही इस भूमिका में रुबियो की यह पहली भारत यात्रा है लेकिन दोनों नेता उनके कार्यकाल की शुरुआत से ही नियमित संपर्क में रहे हैं.

भारतीयों के वीजा का मुद्दा भी उठा

बातचीत के दौरान जयशंकर ने भारतीय नागरिकों को अमेरिकी वीजा मिलने में होने वाली दिक्कतों का मुद्दा भी उठाया. इस पर जवाब देते हुए मार्को रुबियो ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीयों की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों ने अमेरिका में 20 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है और वाशिंगटन को उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग आगे भी बढ़ता रहेगा.

भारत को निशाना बनाना के लिए नहीं हुए बदलाव

रुबियो ने साफ किया कि अमेरिकी इमीग्रेशन सिस्टम में हाल के बदलाव विशेष रूप से भारत को निशाना बनाकर नहीं किए गए हैं. उनके अनुसार ये सुधार एक व्यापक आधुनिकीकरण प्रक्रिया का हिस्सा हैं जो सभी देशों पर समान रूप से लागू होते हैं. उन्होंने बताया कि अमेरिका ने हाल के वर्षों में एक बड़े इमीग्रेशन संकट का सामना किया है, जिसमें कथित तौर पर 2 करोड़ से अधिक लोगों ने देश में अवैध रूप से प्रवेश किया है.

अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि अमेरिका प्रवासियों के लिए दुनिया के सबसे स्वागत करने वाले देशों में से एक है जो हर साल लगभग दस लाख लोगों को स्थायी निवास देता है.