देश को जल्द मिलेगा पहला लाइट टैंक Zorawar, शुरू हुआ ट्रायल...जानें खासियत 

Indian Light Tank Zorawar: भारत के पहले स्वदेशी हल्के टैंक जोरावर के डेवलपमेंट ट्रायल्स शुरू हो चुका है. अप्रैल तक इसके यूजर ट्रायल शुरू हो जाएंगे. ये ट्रायल भारतीय सेना करेगी. 

Amit Mishra

Indian Light Tank Zorawar: भारत के पहले स्वदेशी हल्के टैंक जोरावर (Zorawar) के डेवलपमेंट ट्रायल्स शुरू हो चुका है. DRDO को उम्मीद है कि अप्रैल तक इसके यूजर ट्रायल भी शुरू हो जाएंगे. ये ट्रायल भारतीय सेना करेगी. रक्षा अधिकारियों ने बताया है कि इसमें इंजन लग चुके हैं. इसे फिलहाल 100 किलोमीटर तक चलाकर देखा गया है. भारतीय सेना ने DRDO को 59 जोरावर टैंक बनाने का ऑर्डिर दिया था. ये टैंक L&T बना रहा है. डिजाइन DRDO ने बनाया है. भारतीय सेना इस टैंक को लद्दाख में LAC पर तैनात करने की तैयारी में है. 

हल्के होंगे टैंक 

जोरावर को पंजाबी में बहादुर कहते हैं. ये एक आर्मर्ड फाइटिंग व्हीकल है. इसे इस तरह से बनाया जाएगा कि इसके कवच पर बड़े से बड़े हथियार का असर ना हो. इसके अंदर बैठे लोग सुरक्षित रहें. इसकी मारक क्षमता घातक हो. साथ ही ये बेहतर स्पीड में चल सके. अंदर आधुनिक संचार तकनीक लगाई जाएगी. जोरावर टैंक को DRDO ने डिजाइन किया है. ये टैंक मात्र 25 टन के होंगे. इन्हें चलाने के लिए सिर्फ तीन लोगों की जरूरत होगी. 


ऐसे पड़ा नाम 

इस टैंक का नाम जनरल जोरावर सिंह कहलूरिया के नाम पर रखा गया है, जिन्होंने 1841 में चीन-सिख युद्ध के समय कैलाश-मानसरोवर पर मिलिट्री एक्सपेडिशन किया था. भारत पहले ऐसे टैंक्स रूस से खरीदना चाहता था. लेकिन बाद में इसे देश में बनाने का फैसला लिया गया. असल में ये देश का पहला ऐसा टैंक होगा, जिसे माउंटेन टैंक बुला सकते हैं. हल्का होने की वजह से इसे उठाकर कहीं भी पहुंचाया जा सकेगा. रिमोट वेपन स्टेशन होगा, जिसमें 12.7 mm की हैवी मशीन गन लगाई जाएगी. 2024 तक इसके ट्रायल्स चलेंगे. फिर सेना को सौंपा जाएगा.  

आधुनिक तकनीक से होगा लैस 

जोरावर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन इंटीग्रेशन, एक्टिव प्रोटेक्शन सिस्टम, हाई डिग्री ऑफ सिचुएशनल अवेयरनेस जैसी तकनीके भी होंगी. साथ ही इसमें मिसाइल फायरिंग की क्षमता होगी. दुश्मन के ड्रोन्स को मार गिराने के यंत्र, वॉर्निंग सिस्टम भी लगे होंगे. चीन ने अपनी तरफ जो टैंक लगाए हैं, वो 33 टन से कम वजन के हैं. उन्हें आसानी से एयरलिफ्ट किया जा सकता है.