Agni Prime Missile Features: भारत ने बुधवार की रात न्यू जनरेशन न्यूक्लियर हमले को अंजाम देने की ताकत रखने वाली अग्नि प्राइम मिसाइल का सफल परीक्षण किया. इस मिसाइल की रेंज 1,000 से लेकर 2,000 किलोमीटर तक की है. इसकी टेस्टिंग ओडिशा के कलाम आइलैंड से की गई.
यह अग्नि प्राइम सेकेंड का प्रि इंडक्शन नाइट ट्रायल था जिसका ट्रायल स्ट्रेटेजिक फोर्स कमांड ने DRDO के साथ मिलकर बुधवार को शाम 7 बजे किया.
रक्षा मंत्रालय की ओर से इस परीक्षण के बारे में कहा गया कि अग्नि प्राइम मिसाइल का किया गया यह ट्रायल सफल रहा. इसने सभी उद्देश्यों को पूरा किया, जैसा कि टर्मिनल बिंदु पर रखे गए दो डाउनरेंज जहाजों सहित विभिन्न स्थानों पर तैनात कई रेंज सेंसर द्वारा कैप्चर किए गए डेटा से पुष्टि की गई.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ की मौजुदगी में सफल परीक्षण
अग्नि प्राइम मिसाइल लॉन्च के मौके पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एसएफसी प्रमुख वाइस एडमिरल सूरज बेरी और सशस्त्र बलों और डीआरडीओ के कई वरिष्ठ अधिकारी परीक्षण के दौरान मौजूद थे.
क्या है मिसाइल की रेंज?
इससे पहले 11 मार्च को पहली बार कई हथियारों (एमआईआरवी) के साथ 5,000 किलोमीटर से अधिक दूरी की Agni-5 अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण के बाद किया गया था.
अग्नि प्राइम मिसाइल कई फीचर से लैश है. जमीन से जमीन पर टारगेट करने की क्षमता रखती है. यह 1.5 टन का भार कैरी कर सकती है. इस मिसाइल को मुख्य काम से पाकिस्तान के बॉर्डर पर उधर से गोलीबारी का जवाब देना होगा. इस मिसाइल को सड़क और रेल के जरिए भी ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है. इससे पहले 7 जून 2023 को अग्नि प्राइम मिसाइल का फर्स्ट प्री इंडक्शन परीक्षण किया गया था.
वारहेड को आसानी से कर सकते हैं फिक्स
Agni Prime Missile के वारहेड को आसानी से फिक्स किया जा सकता है. वार हेड का मतलब किसी मिसाइल या डिवाइस के आगे वाले सेक्शन से होता है जहां एक्सप्लोजिव रखा जाता है, जिसे मिसाइल डिलीवर करती है. जैसे रॉकेट बॉम्ब आदि.
परमाणु हमला कर सकती है मिसाइल
यह मिसाइल कोल्ड लॉन्च मैकेनिज्म को फॉलो करती है और यह सैल्वो मोड से फायर कर सकती है. इस मिसाइल के जरिए भारत परमाणु हमला भी कर सकता है. यानी इस मिसाइल के जरिए परमाणु हमले को अंजाम दिया जा सकता है.