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India Daily

बगल में ही खड़े थे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, एस जयशंकर ने भारत-रूस संबंधों पर कह दी ये बड़ी बात

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक की है. इस दौरान उन्होंने भारत की विदेश नीति की मजबूती और रूस के साथ अपने गहरे संबंधों को प्रमुखता से बताया है.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
बगल में ही खड़े थे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, एस जयशंकर ने भारत-रूस संबंधों पर कह दी ये बड़ी बात
Courtesy: ani

भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बैठक के दौरान भारत की विदेश नीति की मजबूती और रूस के साथ अपने गहरे संबंधों को प्रमुखता से बताया है. नई दिल्ली में हुई इस उच्च स्तरीय बातचीत के बाद जयशंकर ने समझाया कि भारत एक ही समय में कई देशों के साथ रिश्ते बनाए रखता है क्योंकि उसके राष्ट्रीय हित दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े हुए हैं.

रूस के साथ संबंधों पर क्या कहा?

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका को देखते हुए कई बड़ी ताकतों के साथ साझेदारी में संतुलन बनाना जरूरी है. रूस-यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए जयशंकर ने साफ किया कि भारत के रूस के साथ बेहद मजबूत संबंध हैं और इसके साथ ही वह यूरोप, यूक्रेन और अमेरिका के साथ भी करीबी रिश्ते रखता है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन सभी साझेदारियों को एक साथ लेकर चलना भारत की 'मल्टी-अलाइनमेंट' रणनीति का हिस्सा है. उन्होंने यह भी समझाया कि आज के दौर की कूटनीति किसी एक गुट या देश को चुनने के बारे में नहीं है बल्कि अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए कई देशों के साथ मिलकर काम करने के बारे में है.

वैश्विक ऊर्जा पर भी बोले विदेश मंत्री

जयशंकर ने बातचीत के दौरान वैश्विक ऊर्जा चिंताओं पर भी चर्चा की है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा बाजारों को स्वतंत्र और बाजार के नियमों के हिसाब से चलना चाहिए. उन्होंने चेतावनी दी कि ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट या कमी से विकासशील देशों के लिए गंभीर समस्याएं खड़ी हो सकती हैं. उन्होंने आगे कहा कि भारत अपने नागरिकों के लिए स्थिर, सस्ती और सुलभ ऊर्जा सुनिश्चित करने के लिए अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना जारी रखेगा क्योंकि देश के आर्थिक विकास और जनता के कल्याण के लिए ऊर्जा सुरक्षा बेहद जरूरी है.

प्रतिनिधिमंडल स्तर की इस वार्ता में जयशंकर ने भारत और अमेरिका को गहरे क्षेत्रों में सहयोग करने वाले मजबूत रणनीतिक साझेदार बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों की यह साझेदारी काफी व्यापक है जो दुनिया के कई हिस्सों पर असर डालती है. मौजूदा अंतरराष्ट्रीय स्थिति को जटिल और तेजी से बदलने वाला बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे में मजबूत साझेदारों के बीच लगातार बातचीत होना और भी जरूरी हो जाता है. उन्होंने भरोसा जताया कि भारत और अमेरिका के बीच यह बातचीत खुली, सकारात्मक और दीर्घकालिक सहयोग पर केंद्रित रहेगी.