menu-icon
India Daily
share--v1

Himachal Pradesh: आफत बनकर हिमाचल में इस साल बरसे बादल, अब तक 335 की मौत, 8 हजार करोड़ रुपए का नुकसान...

Himachal Pradesh: हिमाचल में बारिश की वजह से 24 जून से लेकर अब तक 335 लोगों की मौत हो चुकी है. सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि इस बार भारी बारिश की वजह से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है.

auth-image
Gyanendra Tiwari
Himachal Pradesh: आफत बनकर हिमाचल में इस साल बरसे बादल, अब तक 335 की मौत, 8 हजार करोड़ रुपए का नुकसान...

नई दिल्ली. इस साल बारिश ने कई राज्यों में कहर बरपाया है. खासकर हिमाचल में.  24 जून से लेकर अब तक हुई भारी बारिश की वजह से 335 लोगों की मौत हो चुकी है. अभी 38 लोग लापता बताए जा रहे हैं. राज्य में बादलों की तबाही से अब तक करीबी 8,104 करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका है.

आपदा प्रभावित राज्य
राज्य के कुल्लू, मनाली, शिमला, मंडी, सिरमौर, सोलन में 7 से 10 जुलाई के बीच बारिश ने खूब तबाही मचाई. वहीं, 13 अगस्त से 15 अगस्त के बीच मंडी, कांगड़ा, शिमला, सिरमौर, सोलन, में हुई जोरदार बारिश की वजह से भी बहुत नुकसान हुआ. भारी तबाही को देखते हुए राज्य को आपदा प्रभावित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है.

यह भी पढ़ें-  'लोग तंज कसते हैं कि भीड़ बहुत आती है लेकिन आपको वोट नहीं मिलते, लेकिन वे भूल जाते हैं कि...', जानें क्या बोले राज ठाकरे

हिमाचल में हुई भारी बारिश से मची तबाही की जानकारी देते हुए सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि इस बार भारी बारिश की वजह से प्रदेश को भारी नुकसान हुआ है. 24 जून से अब तक राज्य में बारिश और बाढ़ की वजह से मची तबाही में 335 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 लोग लापता हैं.

लोगों को सरुक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
बारिश के साथ-साथ तेज हवा और तूफान ने भी भारी तबाही मचाई है. राज्य के 222 घर पूरी तरह से मिट्टी में मिल चुके हैं, जबकि 10,000 से ज्यादा मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं.

सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि राज्य में भारी बारिश की वजह से हुई तबाही के चलते अब तक 8,104 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है. यह 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक भी पहुंच सकता है.

उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस आपदा से निपटने के लिए मानसून से पहले ही तैयारी कर ली थी. इसी वजह से मानसून के समय आई आपदा से निपटने में काफी हद तक मदद मिली है. हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. कांगड़ा में 2 हजार लोगों का रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर उन्हें भेजा गया. वहीं, मंडी में 700 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है.

पिछले साल हुआ था भारी नुकसान
सचिव ओंकार शर्मा ने बताया कि इसी तरह से पिछले साल भी तबाही मची थी. 2022 में मानसूनी बारिश में भारी नुकसान हुआ था. पिछले वर्ष करीब 2,500 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था. इस बार 10 हजार करोड़ के आसपास ही नुकसान हुआ है. जान-माल की हानि हुई है.