menu-icon
India Daily
share--v1

Heatwave से अब तक 18 ढेर, 45 की हालत खराब, हरकत में केंद्र सरकार, जानें अब तक की पूरी अपडेट

HeatWave Horror: देश के कई भागों में भीषण गर्मी का तांडव देखने को मिल रहा है जिसने पिछले 48 घंटों में कई लोगों की जान ले ली है तो वहीं पर कई लोग गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. हीटवेव के कहर को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने बुधवार को केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में एक स्पेशल यूनिट बनाने का आदेश दिया है जो इस गर्मी में भीषण गर्मी के कारण बीमार पड़ने वाले लोगों की विशेष देखभाल कर सकें.

auth-image
India Daily Live
Heatwave Horror
Courtesy: AI Generated Image

Heatwave Horror: उत्तरी भारत के कई हिस्सों में लगातार गर्मी पड़ने के कारण हीटस्ट्रोक के मामलों में तेजी से इजाफा हो रहा है. इस स्थिति से निपटने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ज पी नड्डा ने बुधवार को केंद्र सरकार के अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की.

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, श्री नड्डा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सभी अस्पताल प्रभावित लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए तैयार रहें. उन्होंने अस्पतालों को प्रभावित लोगों की देखभाल के लिए विशेष हीटवेव यूनिट स्थापित करने का भी निर्देश दिया.

दिहाड़ी मजदूरों पर दिख रहा ज्यादा प्रकोप

दिल्ली में भीषण गर्मी के बीच, राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हीटस्ट्रोक के पांच संदिग्ध मामलों में मौत हुई है और 12 अन्य की स्थिति गंभीर है, जिनमें ज्यादातर दिहाड़ी मजदूर हैं.

डॉ. अजय शुक्ला ने एक ही दिन में 11 मरीजों को भर्ती करने की सूचना दी, गर्मी शुरू होने के बाद से अब तक गर्मी से संबंधित कुल 45 मामले सामने आए हैं. अस्पताल पहुंचने में देरी, खासकर मजदूरों के बीच, मृत्यु दर को बढ़ाने में योगदान देता है, जो समय पर इलाज और जन जागरूकता की आवश्यकता को रेखांकित करता है.

अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया, "अस्पताल में कुल 22 मरीजों को भर्ती कराया गया है और पांच की मौत संदिग्ध हीटस्ट्रोक के कारण हुई है. 12 मरीज वेंटिलेटर पर हैं और उनकी हालत गंभीर है. अधिकांश मरीज मजदूर हैं जो अत्यधिक गर्मी में काम करते हैं."

अस्पताल पहुंचने में देरी ले रही है जान

दिल्ली में 23 मई से लेकर आज (19 जून) तक केंद्र सरकार द्वारा संचालित आरएमएल अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल में गर्मी से संबंधित कम से कम 18 मौतें दर्ज की गईं हैं. बुधवार को सफदरजंग में हीटस्ट्रोक के कारण पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि मंगलवार को आरएमएल में 82 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत हो गई. डॉ. अजय शुक्ला ने यह भी कहा कि मौत का मुख्य कारण अस्पताल पहुंचने में देरी थी. उन्होंने कहा कि हीटस्ट्रोक पीड़ितों को इलाज देने में देरी के कारण उन्हें आईसीयू में भर्ती कराना पड़ता है.

उन्होंने कहा, 'अब तक हमें कुल 45-50 मरीज मिले हैं और गर्मी की स्थिति शुरू होने के बाद से लगभग 7 लोगों की मौत हो चुकी है. ज्यादातर मरीज गरीब प्रवासी मजदूर हैं. वे बहुत अधिक शारीरिक श्रम करते हैं इसलिए उन्हें हीटस्ट्रोक होने का खतरा ज्यादा रहता है. ज्यादातर मरीजों की मौत इसलिए हो जाती है क्योंकि वे अस्पताल पहुंचने में देरी करते हैं. इसमें मृत्यु दर 60-70 प्रतिशत है. यदि इलाज में देरी होती है तो मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है.'

मौसम में सुधार पर दिल्ली-पंजाब-हरियाणा में जारी है ऑरेंज अलर्ट

हाल ही में, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों को धूप में बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है, खासकर दोपहर से 3 बजे के बीच. इसने सुझाव दिया है कि लोगों को प्यास न लगने पर भी जितना हो सके पानी पीना चाहिए और यात्रा करते समय अपने साथ पानी ले जाना चाहिए. मौसम विभाग के वैज्ञानिक डॉ. नरेश कुमार ने बताया कि हालांकि मौसम में सुधार हो रहा है, लेकिन आईएमडी ने दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.

उन्होंने कहा, 'हमने कल पंजाब, हरियाणा, दिल्ली एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार के लिए रेड अलर्ट जारी किया था, लेकिन आज स्थिति में सुधार हुआ है. बिहार में बारिश गतिविधि हुई है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली एनसीआर के लिए हमने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए हमने अगले 2 दिनों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, उत्तर प्रदेश के लिए आज भी रेड अलर्ट है.'

हीटवेव के बीच धूप से बचने की सलाह

मौसम विभाग का हिस्सा क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र ने राजधानी में न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान लगाया है. लेकिन फिर भी मौसम विभाग ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ स्थानों पर तथा जम्मू और कश्मीर के कुछ इलाकों में लू का प्रकोप रहेगा. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के कुछ स्थानों पर तथा राजस्थान के कुछ इलाकों में रात का तापमान गर्म रहने का अनुमान है.

विशेषज्ञों का कहना है कि हीटस्ट्रोक से बचने के लिए ढीले और सूती के कपड़े पहनने चाहिए. साथ ही बाहर निकलने से पहले सनस्क्रिन लोशन लगाना चाहिए और छाते का इस्तेमाल करना चाहिए. बार-बार पानी पीते रहना चाहिए और धूप में निकलने से परहेज करना चाहिए.

कैसे करें हीटवेव से बचाव?

सरकार को भी इस दौरान राहत शिविर लगाने चाहिए जहां लोगों को ठंडा पानी और छाया मिल सके. साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी की व्यवस्था करनी चाहिए. निर्माण स्थलों पर मजदूरों के लिए विशेष रूप से ठंडे पानी की व्यवस्था करनी चाहिए और उन्हें धूप में काम करने से बचाने के लिए समय-समय पर छाया में आराम करने की सुविधा देनी चाहिए.

गर्मी से जुड़ी बीमारियों के प्रति सतर्क रहना चाहिए और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. उम्मीद है कि इन सावधानियों को बरतने से हीटस्ट्रोक के मामलों को कम किया जा सकता है.