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इस शहर में मिला है सोने का भंडार, आचार संहिता खत्म होते ही होगी खुदाई?

Gold Mine Banswara: राजस्थान के बांसवाड़ा में कई दशकों पहले खोजी गई सोने की खदान का टेंडर कुछ ही महीनों में अलॉट किया जा सकता है. अगर ऐसा हो जाता है तो बांसवाड़ा देश के नक्शे पर एक नए रूप में उभर आएगा.

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Courtesy: social media

राजस्थान के बांसवाड़ा में सोने का एक बड़ा भंडार मिलने की खबरें सामने आ रही हैं. चर्चाएं हैं कि अगर सच में इतना सोना मिल गया तो पूरे राजस्थान को इससे जबरदस्त फायदा होगा. अब चर्चाएं हैं चुनावी आचार संहिता हटने के साथ ही यह फैसला लिया जाएगा कि बांसवाड़ा में मिली सोने की इन खदानों में खनन का काम किस कंपनी को दिया जाएगा. फिलहाल, कुल पांच कंपनियों ने इस खनन का काम करने के लिए टेंडर डाला है. अब सरकार टेंडर के लिए आए आवेदनों पर विचार करके फैसला करेगी कि यह काम किसके देना है.

खनन करने के लिए कर्नाटक रतलाम, उदयपुर, अहमदाबाद और छत्तीसगढ़ की पांच कंपनियों ने घाटोल क्षेत्र के भूकिया व कावरिया में 543 हेक्टेयर के लिए आवेदन किया है. इसके साथ ही बांसवाड़ा जिला देश के उन चार जिलों में शुमार हो जाएगा, जहां सोने के भंडार हैं. बता दें कि मिट्टी में पाया जाने वाले सोने को रिफाइन करने के बाद असली सोने में बदला जा सकता है.

क्यों लग गया इतना समय?

बता दें कि ऐसे ही किसी कंपनी को टेंडर नहीं दिया जाता है. पहले कम्पनी का स्टेटस और उसकी मान्यताऐं देखी जाती हैं. उसके बाद कम्पनी से डील की बातें की जाती हैं. अगर उस फील्ड में कम्पनी की छवि सही रहती है और डील हो जाती है. ऐसी स्थिति में कम्पनी को टेंडर दिया जाता है. यहां सोने के भंडार की जानकारी सामने आने के बाद खनन कंपनी तय करने में करीब 33 साल का समय लग गया है. सोना निकलने में भी करीब 7 साल का समय और लगने का अनुमान है.

बांसवाड़ा का होगा देश स्तर पर नाम

बांसवाड़ा में खनन होने के बाद यह स्वर्ण खनन करने वाले देश के चार चुनिंदा जिलों में शुमार हो जाएगा. अभी कर्नाटक के दो, बिहार और आंध प्रदेश एक-एक जिले में सोने का खनन हो रहा है. बांसवाड़ा में रेत के छोटे-छोटे कणों के रूप में सोना मिलेगा. जिससे अन्य रूप के मुकाबले खनन लागत कम आएगी. साथ ही देश में वर्तमान में जितना भी स्वर्ण खनन हो रहा है. उसमें बांसवाड़ा की हिस्सेदारी करीब 25% हो जाएगी.  

कब हुआ था सर्वे?

बांसवाड़ा जिले में सबसे पहले 1990- 91 में जियोलॉजिकल विभाग द्वारा सर्वे किया गया था.  इसमें पहली बार स्वर्ण भंडार के संकेत मिले थे. इस पर 69.658 वर्ग किलोमीटर के तीन ब्लॉक आरक्षित किए गए थे. सर्वे के बाद तैयार की गई रिपोर्ट के विश्लेषण से पता चला कि 14 ब्लॉक में 1.945 ग्राम प्रति टन के अनुसार यहां पर 114.76 मिलियन टन सोने के भंडार का अनुमान है.