Farmers Protest: किसानों के दिल्ली चलो कूच को लेकर पुलिस अलर्ट, बॉर्डरों, रेलवे-मेट्रो-बस अड्डों पर बढ़ाई गई चौकसी
Farmers Protest: फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी पर कानून बनाने की मांग को लेकर किसान बार फिर से दिल्ली कूच की तैयारी में हैं. जिसके मद्देनजर दिल्ली से सटे तमाम बॉर्डर, रेलवे-मेट्रो स्टेशन और बस अड्डों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है.
Farmers Protest: किसान संगठन अपनी तमाम मांगों को लेकर दिल्ली कूच करने की तैयारी में है. किसानों के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने टिकरी, सिंघू और गाजीपुर सीमाओं और रेलवे और मेट्रो स्टेशनों और बस अड्डों पर सुरक्षा बढ़ा दी है. 3 मार्च को किसान मजदूर मोर्चा और संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर के किसानों से आज दिल्ली पहुंचने की अपील की है.
दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने पंजाब में विभिन्न किसान संगठनों द्वारा दिए गए दिल्ली चलो मार्च के मद्देनजर राजधानी के रेलवे स्टेशनों और अंतरराज्यीय बस टर्मिनलों (आईएसबीटी) पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है. शहर पहुंचने वाले प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के लिए रेलवे स्टेशनों और आईएसबीटी पर टीमें तैनात की गई हैं.
दिल्ली में धारा 144 लागू
एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक "दिल्ली में सीआरपीसी की धारा 144 भी लगाई गई है, जो एक क्षेत्र में चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाती है. उन सभी संभावित स्थानों पर पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं जहां प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो सकते हैं. हम उन्हें तुरंत वहीं हिरासत में ले लेंगे. शहर में नियमित यातायात प्रभावित होने की संभावना नहीं है. शहर की सड़कों पर कोई बैरिकेडिंग नहीं होगी. हालांकि हम विभिन्न सड़कों पर वाहनों की आवाजाही पर वास्तविक समय पर नजर रखेंगे."
Also Read
ट्रेनों और बसों से दिल्ली पहुंचने की अपील
दरअसल बीते 3 मार्च को देश भर के किसानों से बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इकट्ठा होने और ट्रेनों और बसों से पहुंचने की अपील की है. प्रमुख तौर पर किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) और संयुक्त किसान मोर्चा संगठन किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. इस बीच पुलिस उपायुक्त (रेलवे) केपीएस मल्होत्रा ने कहा कि किसी भी दुर्घटना को रोकने के लिए रेलवे स्टेशनों और उसके आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. हम यात्रियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रख रहे हैं. इसके साथ बॉर्डरों पर सक्रियता बढ़ा दी गई है.
जानें क्या है किसानों की प्रमुख मांगें?
किसानों ने फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी, किसानों और खेत मजदूरों के लिए पेंशन, बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं, कृषि ऋण माफी सहित अपनी विभिन्न मांगों को पूरा करने को लेकर 10 मार्च को चार घंटे की देशव्यापी रेल रोको का भी आह्वान किया है.
किसानों की मांगों में दो अन्य महत्वपूर्ण मांग शामिल है. जिनमें बीते साल नवंबर 2020 से दिसंबर 2021 के बीच दिल्ली की सीमाओं पर साल भर चले किसान आंदोलन के दौरान मारे गए किसानों के परिवारों के लिए नौकरी और साथ ही साथ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेना शामिल है.
सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा
किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली चलो विरोध प्रदर्शन शुरू किया लेकिन सुरक्षा बलों ने उन्हें हरियाणा और पंजाब की सीमा पर रोक दिया, जिससे कई झड़पें हुई थी. किसान तब से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी सीमा बिंदुओं पर रुके हुए हैं. प्रदर्शनकारी किसानों और केंद्र ने अब तक अपनी मांगों को लेकर कम से कम पांच दौर की बातचीत की है लेकिन कोई कोई बीच का रास्ता नहीं निकला. पिछले दिनों आंदोलन के दौरान पंजाब-हरियाणा सीमा पर किसान प्रदर्शनकारियों के कंक्रीट ब्लॉक, कंटीले तारों और आंसू गैस के साथ सामना पड़ा, जिसके बाद किसान नेताओं ने फैसला किया कि प्रदर्शनकारी बसों और ट्रेनों से दिल्ली जाएंगे.