Farmers Protest: किसान और केंद्र के बीच तनाव बना हुआ है. किसान आंदोलन के 11वें दिन खनौरी बॉर्डर पर एक और किसान की दर्शन सिंह की जान चली गई है. जिसके बाद मरने वाले प्रदर्शनकारियों की संख्या 5 हो गई है. बठिंडा जिले के अमरगढ़ गांव के 62 वर्षीय किसान दर्शन सिंह 13 फरवरी से खनौरी सीमा पर रह रहे थे. किसान नेताओं ने परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है. इससे पहले आंदोलन के दौरान 21 साल के शुभकरण सिंह की मौत हुई. किसानों ने इसे हत्या करार देते हुए आफआईआर दर्ज करने की मांग की है.
उधर, हरियाणा पुलिस ने किसानों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए), 1980 के तहत कर्रवाई करने के फैसले को वापस ले लिया है. अंबाला की एएसपी पूजा डाबला ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निर्णय लिया गया है कि अभी हम इसका कोई भी प्रावधान लागू नहीं कर रहे हैं. NSA के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है.
इससे पहले हरियाणा पुलिस ने एक बयान में कहा कि किसानों से टकराव के चलते लगभग 30 अधिकारी घायल हुए हैं, जिनमें से एक को ब्रेन हैमरेज हुआ और दो लोगों की जान चली गई. प्रेस विज्ञप्ति में कुछ किसान नेताओं द्वारा सद्भाव बिगाड़ने के उद्देश्य से उत्तेजक सामग्री फैलाने के लिए व्हाट्सएप, फेसबुक, टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के उपयोग पर चिंताओं को भी उजागर किया गया है.
एक अन्य प्रेस बयान में हरियाणा पुलिस ने कहा कि विरोध प्रदर्शन के दौरान सरकारी संपत्ति को हुए नुकसान के लिए किसान नेताओं से मुआवजा मांगने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है. अंबाला पुलिस द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'दिल्ली चलो' मार्च के दौरान शंभू बॉर्डर पर लगाए गए अवरोधों को हटाने के लिए किसानों द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे थे. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों द्वारा अधिकारियों पर पथराव करने, सार्वजनिक और सरकारी संपत्ति को नष्ट करने और शांति और व्यवस्था को बाधित करने के प्रयासों की घटनाओं की सूचना दी है.
इस बीच, 13 फरवरी से शुरू हुआ किसानों का विरोध प्रदर्शन बुधवार को दो दिनों के लिए रोक दिया गया. किसानों का आरोप है कि पुलिस झड़प में उनके किसान की मौत हुई है. साथ ही 12 किसान भी घायल हुए हैं. बता दें कि पंजाब-हरियाणा के किसान केंद्र से अपनी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कानूनी गारंटी की मांग कर रहे हैं.
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा में बजट 2024 पेश किया. CM खट्टर ने बतौर वित्त मंत्री 1.89 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. यह पिछले बजट से 11 प्रतिशत अधिक है. खट्टर ने इस साल कोई नया टैक्स नहीं लगाने का ऐलान किया है. किसान आंदोलन के बीच खट्टर सरकार ने खरीफ और रबी सीजन 2023 में 29,876 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किये जाने के साथ-साथ 5 लाख के लोन का ब्याज माफ करने का ऐलान किया है.
मुख्यमंत्री ने हरियाणा के 5 लाख 47 हजार डिफॉल्टर किसानों के कर्ज का ब्याज और पेनल्टी माफी का बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि जो किसान 30 सितंबर 2023 तक का कर्ज 31 मई 2024 तक जमा कराते हैं, उनका ब्याज और पेनल्टी माफ होगी. मैं खुद एक किसान का बेटा हूं, उनके दर्द को बेहतर तरीके से समझता हूं. मैनें भी खेती की है और खुद हल चलाकर अन्न उगाये है. हमारी सरकार ने पिछले 3 सालों में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 14 फसलों की खरीद की. जिसका भुगतान सीधे किसानों के खातों में हुआ है.