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India Daily
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गोवा पर्यटन उद्योग को तगड़ा झटका, समुद्र तटों पर सभी एक्टिविटी हुईं बंद

सरकार के इस फैसले से जहां कुछ पर्यटक खुश दिखाई दिये वहीं कुछ पर्यटकों ने नाराजगी व्यक्त की. मानसून में गोवा के समुद्र तटों का अपना ही आकर्षण होता है, मानसून में बड़ी संख्या में पर्यटक गोवा के समुद्र तटों पर आते हैं.

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Manish Pandey
गोवा पर्यटन उद्योग को तगड़ा झटका, समुद्र तटों पर सभी एक्टिविटी हुईं बंद

मानसून में गोवा और इसके समुद्र तटों का अपना ही आकर्षण होता है, लेकिन यहां समुद्र तट बंद कर दिए गए हैं, झोंपड़ियां तोड़ दी गई हैं, कोई वाटर स्पोर्ट्स नहीं हो रहे और यहां तक कि समुद्र में तैरने की भी अनुमति नहीं है। मानसून का मजा लेने के लिए काफी संख्या में पर्यटक हर साल गोवा आते हैं।

कोलवा समुद्र तट पर, पर्यटकों को बारिश का मजा लेते देखा गया, जबकि राज्य सरकार ने यहां प्राइवेट लाइफगार्ड एजेंसी को तैनात कर रखा है। ये सुनिश्चित करने के लिए यदि पर्यटक समुद्र में जाते हैं तो कोई अप्रिय घटना न हो।

हरियाणा से आए एक पर्यटक कंवलजीत सिंह ने कहा, “कहां भागते हैं, जहां शांति मिले। बल्कि बंद है तो थोड़ा सा हमें अच्छा अनुभव हो रहा है। मतलब इतना ज्यादा अच्छा हो रहा है कि दिल करता है शाम तक यहीं बैठे रहें। शहर की भागदौड़ से हम दूर बठे हैं। बहुत अच्छा किया इन लोगों ने।”

हरियाणा से आए एक अन्य टूरिस्ट तेजिंदर सिंह ने कहा, "यहां आकर बहुत ही बढ़िया लग रहा है। यहां के शहर के बारे भी बहुत ही बढ़िया, जहां से हम आए हैं बस में तो हरियाली ही हरियाली दिखी है हमें। कोई भी मतलब कुछ प्रदूषण नहीं है, कुछ नहीं है, ज्यादा शोर-शराबा नहीं है। शांति यहां बहुत ज्यादा है। बहुत बढ़िया प्रोग्राम है यहां पर, बहुत बढ़िया लग रहा है।"

हालांकि सभी पर्यटक खुश नहीं हैं। कुछ लोगों ने कहा कि खाली और शांत पड़े समुद्र तटों को देखना चौंकाने वाला है। मुंबई से आए एक पर्यटक श्रीकांत बासिरकर ने कहा, “मुझे लगता है, समुद्र तटों को पूरे साल बंद नहीं रखना चाहिए, क्योंकि अब भी यहां का वातावरण इतना सुंदर है, ये देखकर वाकई दुख होता है कि यहां कुछ भी नहीं है। विदेशों में भी मैंने देखा है कि चौबीसों घंटे सभी खेल और सभी गतिविधियां चलती रहती हैं। मुझे नहीं पता कि यहां इसे बंद क्यों किया गया है, यहां तक कि 20% भी एक्टिविटी नहीं है।"

बीच पर हर तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध से पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट आई है। इसने पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को बुरी तरह प्रभावित किया है। टूरिस्ट टैक्सी ऑपरेटर अब्दुल्ला शेख ने कहा, “अभी मुश्किल से 20 प्रतिशत पर्यटक ही आ रहे हैं। बारिश का मौसम है, इसलिए ज्यादा तो नहीं लेकिन 20-30% लोग आ रहे हैं। उदाहरण के लिए पर्यटन सीजन में अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर के महीनों में 100% लोग आते हैं तो अब लगभग 30% लोग आ रहे हैं।”  पर्यटन विभाग, गोवा को पूरे साल पर्यटन स्थल के रूप में प्रचारित कर रहा है। लेकिन मौसम के कारण गतिविधियां रुक जाती हैं, तो उनके लिए उस छवि पर खरा उतरना कठिन होगा।