Divya Pahuja murder case: गैंगस्टर संदीप गाडौली की गर्लफ्रेंड दिव्या पाहुजा को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है. ये खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि दिव्या को मौत के घाट उतारने वाले होटल मालिक अभिजीत ने किया है. उसने दिव्या के गहरे रहस्य से पर्दा उठाते हुए बताया कि दिव्या समलैंगिक यानी लैस्बियन (Lesbian) थी. इस खुलासे ने फिर से दिव्या पाहुजा को सोशल मीडिया का ट्रेंड बना दिया है.
होटल मालिक अभिजीत ने दावा किया दिव्या ने अपने लैस्बियन होने की बात खुद उससे बताई थी. इतना ही नहीं दिव्या ने होटल मालिक से एक लड़की का इंतजाम करने को भी कहा था.
पैसों की डिमांड
अभिजीत ने बताया कि दिव्या पाहुजा उसे धमकी देती थी, कि वह सब कुछ उसके परिवार वालों को उनके संबंधों के बारे में बता देगी. ऐसी धमकी देकर दिव्या, होटल मालिक से 30 लाख रुपये की डिमांड कर रही थी.
गुस्से में आकर अभिजीत ने इसी साल 2 जनवरी को गुरुग्राम के सिटी प्वाइंट होटल में दिव्या पाहुजा को गोलियों से छल्ली करके मौत के घाट उतार दिया था. दिव्या का मर्डर के पीछे का कारण यही थी. पुलिस ने कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में यही कहा है.
जेल की हवा खाने के बाद फिर अभिजीत के संपर्क में आई थी पाहुजा
अभिजीत और दिव्या एक दूसरे को साल 2014 से जानते थें. दोनों के बीच अवैध संबंध भी थे. 2016 में मुंबई पुलिस ने दिव्या पाहुजा को उसके गैंगस्टर बॉयफ्रेंड संदीप गाड़ौली के एनकाउंटर मामले में अरेस्ट किया था. जेल की हवा खाकर साल 2023 में जब दिव्या बाहर आई तो उसने फिर से होटल मालिक अभिजीत से संपर्क किया.
दोनों के बीच मुलाकाते और बातों को दौर फिर से शुरू हो गया. अभिजीत दिव्या को आईफोन समेत महंगे-महंगे गिफ्ट देता था.
पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक दिव्या, अभिजीत से मोटी रकम की मांग कर रही थी. वह बार-बार उसे धमकी देती रहती थी. 2 जनवरी को दिव्या को मौत के घाट उतारने से पहले दिव्या अभिजीत के घर गई थी. न्यू पार्टी में उसके घर में उसके अन्य दोस्त भी आए हुए थे.
कमरा नंबर 114 के बदले 111
पार्टी खत्म होने के बाद अभिजीत दिव्या के साथ गुरुग्राम के सिटी पॉइंट होटल में गया. इस होटल में कमरा नंबर 114 अभिजीत के नाम पर हमेशा बुक रहता था. लेकिन 1 जनवरी को न्यू ईयर की पार्टी खत्म करके जब दिव्या और अभिजीत होटल पहुंचे तो उस रूम की चाबी ही नहीं मिल रही थी. चाबी न मिलने की वजह से अभिजीत और दिव्या रूम नंबर 111 में रुके.
2 जनवरी को सुबह जब दिव्या सोकर उठी तो उसने अभिजीत से लड़की बुलाने को कहा. अभिजीत ने महिला मित्र मेघा को फोन करके बुलाया. इसके तुरंत बाद दिव्या ने उस पर पैसों को फिर दबाव बनाया. इसके बाद अभिजीत का पारा गरम हुआ और उसने दिव्या को गोली मारकर उसे मौत के घाट उतार दिया.
इसके बाद जब मेघा होटल आई तो अभिजीत ने उसकी मदद से लाश को ठिकाने लगाया. जिस कमरे में दिव्या की लाश थी उस कमरे से बाहर जाते समय अभिजीत और मेघा चाभी भूल गए थे. कमरा लॉक हो गया था. इसके बाद अभिजीत जब दोबारा आया तो उसने होटल स्टाफ की मदद से रूम का लॉक तोड़वाया था. ये सब कुछ पुलिस ने कोर्ट में दाखिल की अपनी चार्जशीट में कही है.