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'झूठ फैला रही दिल्ली पुलिस' स्वाति मालीवाल मामले पर बोले सौरभ भारद्वाज

आम आदमी पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर बीजेपी के लिए काम करने का आरोप लगाया है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि पुलिस स्वाति मालीवाल मामले में फर्जी खबरें फैला रही है.

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आम आदमी पार्टी  ने स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट पर फर्जी खबर फैलाने के लिए दिल्ली पुलिस की आलोचना की है. दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस पर  फर्जी खबरें फैलाने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि पुलिस बीजेपी के लिए चुनावी कहानी बनाने का काम कर रही है.  

दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सीएम आवास के कॉमन एरिया, डाइनिंग एरिया से लेकर घर के प्राइवेट हिस्से की भी सीसीटीवी फुटेज पुलिस लेकर गई है. AAP नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा हम चाहते हैं कि एक जांच एजेंसी को निष्पक्ष होना चाहिए. पहले दिन से दिल्ली पुलिस जिस तरह से झूठी खबरें प्लांट कर रही है, उससे साफ है कि वह बीजेपी का चुनावी नैरेटिव बनाने का काम कर रही है.

पुलिस ने सभी सीसीटीवी फुटेज ले लिए

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सुरक्षा क्षेत्र के अंदर प्रवेश और निकास की जांच के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरे PWD के अधीन हैं.  दिल्ली पुलिस ने शनिवार को सभी सीसीटीवी फुटेज ले लिए. आज दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के अंदर से भी सीसीटीवी फुटेज ले लिया है, कुछ भी नहीं मिला है.  ये लोग सूत्रों के हवाले से झूठ चलवाते रहे. वहीं, दिल्ली पुलिस द्वारा डीवीआर का फुटेज न मिलने के दावे पर उन्होंने कहा कि जो घटना, जहां की बताई गई वहां CCTV कैमरा नहीं था तो वहां की फुटेज कैसे मिलेगी. पुलिस कल भी फुटेज लेकर के गई थी. आज अंदर की सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर लेकर गई है.

उन्होंने दिल्ली पुलिस की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस को 13 मई को पहली बार स्वाति मालीवाल और विभव कुमार के मामले के बारे में कैसे पता चला? 100/112 नंबर पर तो हर दि हज़ारों कॉल आती हैं, लेकिन स्वाति मालीवाल के कॉल की खबर पुलिस तुरंत मीडिया को देती है. 112 नंबर के कॉल की एंट्री भी बीजेपी की पुलिस मीडिया को दे देती है. 

पुलिस कस्टडी में बिभव कुमार

मारपीट मामले में गिरफ्तारी के बाद बिभव कुमार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया. आप पार्टी सुप्रीमो के पूर्व सहयोगी ने पहले दिल्ली पुलिस को ईमेल किया था, जिसमें कहा गया था कि वह मालीवाल के हमले के दावे की चल रही जांच में सहयोग करने के लिए तैयार हैं, साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी शिकायत का भी संज्ञान लेना चाहिए.