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Cyber Fraud: महिला वकील के कपड़े उतरवाए, ब्लैकमेल किया और ठगे 15 लाख, वारदात पर सन्न लोग

Cyber Fraud: पेशे से वकील एक महिला साइबर फ्रॉड की शिकार हो गई. साइबर क्रिमिनल्स ने महिला वकील से 15 लाख रुपये की ठगी कर ली. पीड़िता की ओर से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट, जबरन वसूली और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया गया है.

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Forced to take off clothes on video call

Cyber Fraud: साइबर क्रिमिनल्स ने एक महिला वकील को अपना शिकार बनाया है. आरोप है कि साइबर क्रिमिनल्स ने महिला वकील को कपड़े उतारने को मजबूर किया और फिर वीडियो बना लिया. वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की धमकी देते हुए 15 लाख रुपये की ठगी कर ली. पीड़िता की ओर से इस संबंध में मामला दर्ज कराया गया है. 

पीड़िता की पहचान 29 साल की भुवी (काल्पनिक नाम) के रूप में हुई है. उन्होंने ईस्ट सीईएन पुलिस को बताया कि जालसाजों ने उसे 3 अप्रैल की दोपहर 2.15 बजे से 5 अप्रैल की सुबह 1.15 बजे तक एक कॉल में उलझाए रखा और उससे 15 लाख रुपये ऐंठ लिए. उन्होंने कहा कि ये सब तब शुरू हुआ जब किसी ने उन्हें 'फेडएक्स' से होने का दावा करते हुए फोन किया. फोन करने वाले ने बताया कि आपके नाम पर थाईलैंड भेजे गए पार्सल में 140 ग्राम MDMA (रेव पार्टियों में यूज किया जाने वाला खतरनाक नशा मिथाइल एनेडियोक्सी मेथामफेटामाइन) था.

पीड़िता के मुताबिक, फेडएक्स से कॉल करने वाले शख्स ने जानकारी देकर कॉल दूसरे जालसाज को ट्रांसफर कर दी, जिसके बारे में उसने बताया कि ये मुंबई पुलिस के अधिकारी हैं. इसके बाद कथित मुंबई पुलिस के अधिकारी ने पीड़िता से स्काइप डाउनलोड करने और उसे अपनी चैट में जोड़ने के लिए कहा. 'अधिकारी' ने पीड़िता से कहा कि उसका आधार कार्ड नंबर मानव तस्करी और ड्रग्स से जुड़ा है. इसके बाद कॉल को अभिषेक चौहान नाम के किसी व्यक्ति को ट्रांसफर किया गया, जिसने खुद को सीबीआई अधिकारी होने का दावा किया.

कहा- तुम्हारे खिलाफ मानव तस्करी से जुड़ा मामला है दर्ज

अभिषेक चौहान ने महिला वकील को बताया कि तुम्हारे खिलाफ मानव तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और पहचान की चोरी का मामला है. चौहान ने पीड़िता से बैंक बैलेंस और इनकम के बारे में सवाल किया. इसके बाद ऑफिशियल प्रोसेस का हवाला देते हुए चौहान ने शपथ दिलाई कि जांच पूरी होने तक वो पुलिस समेत किसी को भी इस संबंध में कोई जानकारी नहीं देगी. चौहान ने बताया कि उसके बैंक के एक कर्मचारी ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए बैंक के कस्टमर्स के अकाउंट्स का यूज किया है, जिसमें उसका भी अकाउंट शामिल है.

आरोपी ने कैमरा चालू रखने और स्क्रीन शेयर करने को कहा था

पीड़िता के मुताबिक, आरोपी चौहान ने कॉल के दौरान कैमरा चालू करने और स्क्रीन शेयर करने के लिए कहा ताकि वो मुझे देख सके. 4 अप्रैल को, चौहान ने कहा कि उसे अपने लेनदेन को वैरिफाइड करने के लिए अपने सारे पैसे उसके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करने होंगे. उसे पास के एक बैंक में जाने और एक अकाउंट में 10.7 लाख रुपये ट्रांसफर करने के लिए कहा. फिर उसे खुद को अपने घर में बंद करने और आगे के निर्देशों का इंतजार करने के लिए कहा गया. फिर आरोपियों ने वकील के क्रेडिट कार्ड का यूज करके लगभग 4 लाख रुपये के 2 लेनदेन किए.

4 अप्रैल की ही रात को चौहान ने स्काइप कैमरा चालू रहते हुए ड्रग टेस्टिंग के लिए उसके कपड़े उतरवाए. चौहान ने इस दौरान धमकी दी कि अगर उसने ऐसा नहीं किया तो उसके साथ-साथ उसके परिवार के सदस्यों को भी अरेस्ट कर लिया जाएगा. बाद में, उसने मांग की कि वो उन्हें दोपहर 3 बजे तक 10 लाख रुपये का भुगतान करे. ऐसा नहीं करने पर वीडियो को डार्क वेब पर बेच दिया जाएगा. डरे भुवी ने लगभग 1.15 बजे फोन काट दिया और 5 अप्रैल को दिन में पुलिस से संपर्क किया.