Congress over Nitish Kumar return NDA: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा के नेतृत्व वाले NDA में जाने को लेकर कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस के सीनियर नेता ने कहा है कि I.N.D.I.A गठबंधन से नीतीश कुमार के बाहर जाने के बाद विपक्षी दलों के कई लोग राहत की सांस ले रहे हैं. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की NDA में वापसी इंडिया गठबंधन को मुक्ति मिल गई है.
राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के बिहार में प्रवेश करने के तुरंत बाद किशनगंज जिले में पत्रकारों से बातचीत में जयराम रमेश ने ये बातें कही. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के I.N.D.I.A गठबंधन से बाहर जाने पर इंडी ब्लॉक पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने वाला है. कई नेता राहत की सांस ले रहे हैं और कह रहे हैं कि भगवान का शुक्र है कि ये आदमी (नीतीश कुमार) चला गया.
जयराम रमेश ने कहा कि नीतीश कुमार ने ही पटना में विपक्षी नेताओं की पहली बैठक की मेजबानी की थी और उसके बाद भी सभी बैठकों में शामिल होते थे. इसके बावजूद हम ये पता नहीं लगा सकें कि उनकी प्लानिंग क्या है. जयराम रमेश ने कहा कि पिछले 2 या तीन महीनों में नीतीश कुमार का व्यवहार भरोसा और विश्वास पैदा करने वाला नहीं था.
जयराम रमेश ने नीतीश कुमार का मजाक उड़ाते हुए उनपर तंद भी कसा. कांग्रेस के सीनियर नेता ने कहा कि एक पुरानी कहावत है.... आया राम गया राम. अब इस कहावत को... आया कुमार, गया कुमार से बदल दिया जाना चाहिए. कांग्रेस नेता ने ये भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी झूठ के जगद्गुरु (झूठों के पुजारी) हैं. उन्होंने कहा कि जब 14 जनवरी को मणिपुर के थौबल से 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' शुरू हुई, तो पीएम मोदी ने मिलिंद देवड़ा को कांग्रेस से हटाने के लिए 'मुहूर्त' ढूंढ लिया, ताकि सुर्खियां 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' के बजाय 'मिलिंद देवड़ा' बन जाएं.
जयराम रमेश ने कहा कि वे (भाजपा) बिहार में यात्रा के प्रवेश को लेकर घबराए हुए थे. इसलिए, उन्होंने 'फ्लिपिंग मास्टर' (नीतीश कुमार की ओर इशारा करते हुए) को फ़्लिप करने के लिए कहा... और नीतीश कुमार ने ऐसा ही किया. रमेश ने यह भी कहा कि अब जो सवाल पूछा जाना चाहिए वो ये नहीं है कि इंडिया गठबंधन पर क्या प्रभाव पड़ेगा, बल्कि नीतीश कुमा के एनडीए में जाने का क्या असर होगा, वाला सवाल पूछा जाना चाहिए.
जयराम रमेश ने कहा कि पीएम मोदी जानबूझकर पिछली कांग्रेस सरकार की ओर से कराए गए जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट पर बैठे रहे हैं. अब, क्या नीतीश कुमार अपने रसूख का इस्तेमाल यह सुनिश्चित करने के लिए करेंगे कि केंद्र इसे सार्वजनिक करे? जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी सत्ता के ऊपरी क्षेत्रों में ओबीसी, दलितों और आदिवासियों के बेहतर प्रतिनिधित्व की आवश्यकता पर जोर देते रहे हैं. इसके लिए वह जाति जनगणना की भी मांग करते रहे हैं. नीतीश कुमार भी इसकी मांग करते थे और बिहार में हुए जाति सर्वेक्षण का बखान करते थे. अब हम यह देखना चाहेंगे कि उनके बखान का क्या मतलब था.