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"छत्तीसगढ़ में कांग्रेस जीती तो सीएम भूपेश बघेल के नाम पर सबसे पहले होगा विचार" डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में दो गुट हुआ करते थे. एक गुट का नेता भूपेश बघेल को तो वहीं दूसरे का नेता टीएस सिंह देव को माना जाता था.

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Vineet Kumar
"छत्तीसगढ़ में कांग्रेस जीती तो सीएम भूपेश बघेल के नाम पर सबसे पहले होगा विचार" डिप्टी सीएम टीएस सिंह देव ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली: छत्तीसगढ़ कांग्रेस में दो गुट हुआ करते थे. एक गुट का नेता भूपेश बघेल को तो वहीं दूसरे का नेता टीएस सिंह देव को माना जाता था. छत्तीसगढ़ सरकार और संगठन में अंदरूनी खींचतान को कांग्रेस आलाकमान ने एक-एक करके सुलझा लिया है. पहले टीएस सिंह देव को सूबे का उपमुख्यमंत्री बनाया तो वहीं दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष पद पर बड़ा बदलाव करके बड़ा सियासी मास्टर स्ट्रोक चला है.

"छत्तीसगढ़ में कांग्रेस जीती तो भूपेश बघेल ही होंगे सीएम"

कहा जा रहा है कि टीएस सिंह देव का राज्य सरकार में समायोजन कराकर कांग्रेस पार्टी ने उनकी नराजगी को दूर करने की कोशिश की है. जिसका संकेत उनकी तरफ से दिए गए बयान में भी देखने को मिल रहा है. इस साल के अंत में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव को लेकर टीएस सिंह देव ने बड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है. टीएस सिंह देव ने बड़ा बयान देते हुए कहा कि "कांग्रेस पार्टी इस साल सीएम भूपेश बघेल की अगुवाई में ही विधानसभा चुनाव लड़ेगी और अगर पार्टी जीतती है तो सीएम पद के लिए बघेल के नाम पर सबसे पहले विचार किया जाएगा"

"कप्तान आपको जीत दिला सकता है तो उसे बदलने की जरुरत क्यों"

टीएस सिंह देव ने आगे अपने बयान में कहा कि "अगर किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को नहीं हटाया गया है तो इसका मतलब है कि पार्टी उस व्यक्ति में अपना विश्वास बनाए रखती है जो टीम को जीत दिलाने में सक्षम है. जब कप्तान आपको जीत दिला सकता है तो उसे बदलने की जरुरत क्यों है? सीएम बघेल और मेरे बीच तनाव की बात अब अतीत की खबर बन चुकी है"

"मेरे बघेल और मेरे बीच तनाव इतिहास की बात"

टीएस सिंह देव ने आगे अपने बयान में कहा कि "मेरे बघेल और मेरे बीच तनाव इतिहास की बात है. कोई वास्तविक कड़वाहट या दुश्मनी नहीं थी, हम और बघेल साथ मिलकर काम कर रहे थे. ढाई-ढाई साल सीएम बनाए जाने का मुद्दा था. मुझे लगता है कि यह हमारे दिमाग के साथ-साथ हम दोनों से जुड़े सभी लोगों के दिमाग पर असर कर रहा था. हालांकि अब वह समय बीत चुका है. यहां तक ​​कि जब उन मामलों पर चर्चा हो रही थी. तब भी हम अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे थे"

छत्तीसगढ़ कांग्रेस संगठन और सरकार मे हुए है बड़े फेरबदल

छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस संगठन और सरकार के स्तर पर लगातार बड़े बदलाव देखने को मिले है. चुनाव से ऐन वक्त पहले टीएस सिंहदेव को प्रदेश का उप-मुख्यमंत्री बनाया गया. उसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने अपने पद से इस्तीफा दिया था तथा बाद में उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली. तो वहीं  प्रेमसाय सिंह टेकाम को शिक्षा मंत्री के पद हटाकर उन्‍हें राज्‍य योजना आयोग के अध्‍यक्ष बनाया गया है. इससे पहले  कांग्रेस आलाकमान ने बस्तर सीट से लोकसभा सांसद और प्रदेश के बड़े आदिवासी नेता दीपक बैज को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी है.

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