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Pune Porsche Case: दो लोगों की जान लेने वाले नाबालिग को मिल गई जमानत

Pune Porsche Case: पुणे पोर्श कार हादसे में नाबालिग को भी जमानत मिल गई है. इससे पहले 21 जून को पुणे डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने नाबालिग के पिता को जमानत दी थी. नाबालिग की चाची ने इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करते हुए जमानत की मांग की थी. चाची ने आरोप लगाया था कि नाबालिग को गलत तरीके से बाल सुधार गृह में रखा गया है. नाबालिग के पिता को भले ही जमानत मिल गई है लेकिन वह अभी भी ड्राइवर के अपहरण और ब्लड सैंपल केस में जेल में बंद हैं.

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Pune Porsche Case
Courtesy: Social Media

Pune Porsche Case: पुणे पोर्श कार हादसे में नाबालिग आरोपी को बॉम्बे हाई कोर्ट ने जमानत दे दी है. इससे पहले कोर्ट ने नाबालिग के पिता को 21 जून को बेल दी थी. पिता विशाल अग्रवाल को पुणे डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से जमानत मिली थी. मंगलवार को पुणे पोर्श दुर्घटना मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट ने नाबालिग आरोपी को रिहा करने का आदेश देते हुए रिमांड आदेश को अवैध करार देते हुए खारिज कर दिया.

पिता विशाल अग्रवाल को भले ही जमानत मिल गई है लेकिन वह अभी भी जेल में हैं क्योंकि "ड्राइवर के अपहरण" और ब्लड सैम्पल से छेड़छाड़ करने के आरोप में अभी भी उसे जमानत नहीं मिली है. 

चाची ने खटखटाया था हाई कोर्ट का दरवाजा

नाबालिग आरोपी की की चाची ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उन्होंने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि नाबालिग को अवैध रूप से सुधार गृह में रखा गया है.

कोर्ट बोला- दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी

जस्टिस भारती डांगरे और मंजूषा देशपांडे की बेंच ने 17 साल के नाबालिग को राहत देते हुए कहा कि दुर्घटना दुर्भाग्यपूर्ण थी, लेकिन नाबालिग को निगरानी गृह में नहीं रखा जा सकता. किशोर न्याय बोर्ड को नाबालिग को रिहा करने का आदेश दिया जाता है. 

पुलिस ने नहीं किया था हाई कोर्ट का रुख

बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक हाई-प्रोफाइल पोर्श दुर्घटना मामले में जमानत के बाद नाबालिग को किशोर न्याय गृह  में रखने के मामले में पुलिस की कार्रवाई की जांच की. पीठ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पुलिस ने जस्टिस जुवेनाइल बोर्ड द्वारा जारी जमानत आदेश को रद्द करने के लिए हाई कोर्ट का रुख नहीं किया था. पुलिस ने जमानत आदेश में संशोधन के लिए एक आवेदन दायर किया, जिसके परिणामस्वरूप नाबालिग को हिरासत में लिया गया और उसे  बाल सुधार गृह में भेज दिया गया.

दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गई थी जान

19 मई को कथित तौर पर नशे की हालत में तेज स्पीड से कार चला रहे 17 साल के नाबालिग ने एक बाइक को टक्कर मारी थी. इस बाइक में दो सॉफ्टवेयर इंजीनियर सवार थे. एक का नाम अनीश अवधिया और दूसरे का नाम अश्विनी कोष्टा था. इस दुर्घटना में दोनों की दर्दनाक मौत हो गई थी.