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'34 साल के सांसद की ललकार उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही, मैं बीजेपी को चुनौती देता हूं कि...', फर्जी हस्ताक्षर मामले पर बोले राघव चड्ढा

Raghav Chadha: राघव चड्ढा ने कहा कि बीजेपी मेरी छवि खराब करने के लिए मुझ पर झूठे आरोप लगा रही है. ये मेरी सदस्यता छीनकर मुझे संसद से बाहर करना चाहते हैं.

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Sagar Bhardwaj
'34 साल के सांसद की ललकार उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही, मैं बीजेपी को चुनौती देता हूं कि...', फर्जी हस्ताक्षर मामले पर बोले राघव चड्ढा

नई दिल्ली: दिल्ली अध्यादेश को लेकर चयन समिति में प्रस्तावित सदस्यों के गलत हस्ताक्षर के आरोपों पर आज आम आदमी पार्टी नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की. प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने इन आरोपों को निराधार बताया.

'भाजपा कागज दिखाए जिसपर गलत हस्ताक्षर हुए'
राघव चड्ढा ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि वो कागज दिखाए जिसपर गलत या फर्जी हस्ताक्षर हुए. उन्होंने रूल बुक का हवाला देते हुए कहा कि चयन समिति में प्रस्तावित सदस्यों के हस्ताक्षर की कोई जरूरत ही नहीं है और किसी के हस्ताक्षर भी नहीं लिए गए.  ऐसे में गलत हस्ताक्षर की बात कहां से आ गई?

'मेरी छवि कराब करने की कोशिश कर रही बीजेपी'
आप नेता राघव चड्ढा ने कहा कि बीजेपी मेरी छवि खराब करने के लिए मुझ पर झूठे आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि एक 34 साल के सांसद की ललकार उन्हें बर्दाश्त नहीं हो रही है, इसलिए ये मेरी सदस्यता छीनकर मुझे संसद से बाहर करना चाहते हैं.

राघव चड्ढा ने कहा कि  संसदीय बुलेटिन में भी कहीं जाली/जालसाजी/चिन्ह/हस्ताक्षर शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है. उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी, मोरारजी देसाई और मनमोहन सिंह समेत देश के कई बड़े नेताओं के खिलाफ विशेषाधिकार समिति ने कार्रवाई शुरू की. अब इसमें मेरा भी नाम आया है. मैं गर्व से समिति के सामने अपनी बात रखूंगा.

'दिल्ली सरकार का गला घोंटने के लिए असंवैधानिक बिल पास किया'
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राघव चड्ढा ने कहा कि पूरे देश ने देखा कि कैसे मोदी जी की तानाशाह सरकार ने दिल्ली सरकार का गला घोंटने के लिए असंवैधानिक बिल पास किया है.

 अब मोदी सरकार ने एक नई परंपरा शुरू की है कि जो भी उसके खिलाफ बोलेगा, उसकी सदस्यता खत्म कर देगी, उसको निलंबित कर देगी या एफआईआर कर देगी. मोदी सरकार को लोकतंत्र का ड्रामा करने के बजाय देश में तानाशाही शासन की घोषणा कर देनी चाहिए.

'चयन समिति में हस्ताक्षरों की जरूत ही नहीं होती'
सांसद राघव चड्ढा ने आगे कहा कि जब भी चयन समिति के गठन के लिए नाम प्रस्तावित किए जाते हैं तो न तो उस सदस्य के हस्ताक्षर लिए जाते हैं और न तो हस्ताक्षर जमा किए जाते हैं. 

हस्ताक्षर की जरूरत ही नहीं होती है. मैंने किसी सदस्य का हस्ताक्षर नहीं लिया और न हस्ताक्षर जमा ही किया. इसके बाद भी गलत हस्ताक्षर की अफवाह फैलाई जा रही है. ये अफवाह सरासर झूठ और बेबुनियाद है.

मैं भाजपा के नेताओं को चुनौती देता हूं कि वो कागज दिखाएं जिस पर ये गलत हस्ताक्षर हैं. जब कोई हस्ताक्षर होता ही नहीं है तो गलत हस्ताक्षर की बात कहां से आ गई? सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है. 

इन्होंने राहुल गांधी की सदस्यता छीन ली. आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह और सांसद सुशील कुमार रिन्कू को सदन से निलंबित कर दिया.

'पूरे देश में अघोषित आपातकाल लगाने की कोशिश कर रही है बीजेपी'
उन्होंने कहा कि भाजपा देश में अघोषित आपातकाल लगाने की कोशिश कर रही है. भाजपा का मकसद मेरी आवाज को दबाना है. भाजपा से कहना चाहता हूं कि यह एक युवा आवाज है, अरविंद केजरीवाल के सच्चे सिपाही की आवाज है. 

ये आवाज दबने वाली नहीं है. मेरे खिलाफ चाहे जितनी कार्रवाई करें या आरोप लगाएं लेकिन ये आवाज बंद नहीं होगी. जिन सांसदों ने मेरे खिलाफ गलत हस्ताक्षर के आरोप लगाए हैं, मैं उनके खिलाफ विशेषाधिकार समिति में शिकायत करूंगा. साथ ही कोर्ट में भी न्याय की गुहार लगाउंगा.

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